बाइक पर ढोया बेटी का शव

रांची : राज्य सरकारें विकास के दावे तो खूब करती हैं, लेकिन जब मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आता है , तो व्यवस्था की पोल खुल जाती है.ऐसा ही एक मामला झारखण्ड राज्य के गोड्डा का सामने आया है जहां  एक बेबस बाप को अपनी बारह वर्षीय बेटी की लाश को बाइक पर ढोकर ले जाना पड़ा, जबकि संबंधित अस्पताल प्रबंधन ने एम्बुलेंस नहीं मांगने का आरोप परिजन पर लगाते हुए पल्ला झाड़ लिया .

दरअसल हुआ यूँ कि सदर अस्पताल में बुधवार शाम 5 बजे आपातकालीन प्रवेश द्वार के पास एक लाचार बाप को अपनी बेटी की लाश मोटरसाइकिल पर ढोते देखा गया.मिली जानकारी के अनुसार ललिता कुमारी(12 ) को हृदय संबंधी बीमारी थी, जिसका इलाज किसी निजी क्लिनिक में कराया जा रहा था, अंतिम घड़ी में बच्ची को सदर अस्पताल लाया गया . जहाँ उसकी मौत हो गई.मृतक लड़की के परिजनों ने अस्पताल से एंबुलेंस की मांग की थी,लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई .इस बारे में पेलगढ़ी गांव पंचायत कुर्मिचक के महादेव साह ने बताया कि गोड्डा का सदर अस्पताल बदहाली का शिकार है. मांगने पर भी यहां शव को ढोने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती. मजबूरी में बाईक पर ही बेटी के शव को ढोना पड़ रहा है.

बता दें कि ऐसी घटनाओं से न केवल सरकारी अस्पतालों की बदइंतजामी सामने आती है , बल्कि ऐसी घटनाएं मानवता को भी शर्मसार करती है.स्मरण रहे कि पूर्व में भी झारखण्ड में शव को ढोने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से एम्बुलेंस नहीं देने के मामले सामने आ चुके हैं.यह सब कर्मचारियों की असंवेदनशीलता का नतीजा है.इस मामले में भी अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए एम्बुलेंस नहीं मांगने का आरोप उल्टे पीड़ित परिजनों पर ही लगा दिया. जबकि यह सभी जानते हैं कि दुखी पिता मजबूरी में ही अपनी बेटी के शव को बाइक पर ले जाएगा.

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