विदेशी मुद्रा भंडार पर 'कोरोना' का असर, आई 12 साल की सबसे बड़ी गिरावट

विदेशी मुद्रा भंडार पर 'कोरोना' का असर,  आई 12 साल की सबसे बड़ी गिरावट

नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पस्त नजर आ रही है.  इस वायरस ने भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि 20 मार्च को समाप्त सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 11.98 अरब डॉलर की भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह 469.909 अरब डॉलर रह गया है.

यह वर्ष 2008 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है. वहीं बीते छह माह में पहली दफा है जब विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई है. इससे पहले 20 सितंबर 2019 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई थी. तब यह 38.8 करोड़ डॉलर से कम होकर 428.58 अरब डॉलर रह गया था. उल्लेखनीय है कि बीते 6 मार्च को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशीमुद्रा भंडार 5.69 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 487.23 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया था.

दरअसल, तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निवेशकों का विश्वास कम हुआ है और ऐसे में पैसे की निकासी के आंकड़े बढ़ गए हैं. इस कारण 23 मार्च को रुपया 76.15 रुपये प्रति डॉलर के सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुँच गया था. हालांकि, कोरोना वायरस के वित्तीय प्रभावों को कम करने के लिए सरकार की तरफ से सभी कदम उठाए गए हैं. ऐसे में शुक्रवार को भारतीय रुपया, डॉलर के मुकाबले  27 पैसे की बढ़त के साथ 74.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

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