ट्रम्प-किम की वार्ता में अहम् रहेगा चीन

बीजिंग: उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच अनबन से एक बार फिर विश्व युद्ध के बदल मंडराने लगे हैं, यह तनाव इसलिए भी है क्योंकि कुछ दिन पहले तक दोनों देश आपस में बातचीत करने के लिए राज़ी थे, लेकिन अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के चलते उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन, अमेरिका से नाराज़ हो गया. हालांकि अमे‍रिका ने भविष्‍य में दोबारा बातचीत शुरू करने की उम्‍मीद जरूर जाहिर की है लेकिन यह कितनी हकीकत बन सकेगी इस पर अब भी सवालिया निशान लगा हुआ है.

इससे उत्तर कोरिया ने अमेरिका से वार्ता करने के सम्बन्ध में चीन की भी राय ली थी, किम जोंग ने चीन का दौरा भी किया था. इसीलिए अमेरिका ने किम जोंग की बयानबाज़ी को लेकर चीन को भी कोसा था, क्योंकि वो जनता है कि चीन और उत्तर कोरिया के क्या सम्बन्ध हैं ?  उत्तर कोरिया के लिए चीन काफी मायने रखता है. हालांकि उत्तर कोरिया शुरू से ही अमेरिका से बातचीत करना चाहता था, लेकिन परमाणु परिक्षण के कारण अमेरिका हमेशा से उत्तर कोरिया का आग्रह नकारता रहा है, जिससे दोनों देशों में तनातनी मच गई थी.

हालांकि पंत का यह भी मानना है कि चीन ये कभी नहीं चाहेगा कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया एक देश के रूप में सामने आएं, इसमें उसका हित नहीं है, लिहाजा वह चाहता है कि कोरियाई प्रायद्वीप के ये दो देश कभी एक न हों. इनके एक होने में चीन का नुकसान है, ऐसा इसलिए है क्‍योंकि दक्षिण कोरिया अमेरिका का समर्थक देश देश है और अन्‍य देशों की तुलना में काफी विकसित है, ऐसे में यदि ये दोनों देश एक होते हैं तो इनकी ताकत भी बढ़ जाएगी और चीन का सिरदर्द भी. 

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