सूर्योदय का अर्घ्य, भूल से भी न करें यह गलतियां

आज छठ पूजा का आखिरी दिन है और आज उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. सूर्य देव को सनातन संस्कृति के आदि पंच देवों में स्थान प्राप्त है. इसी के साथ ज्योतिष में इन्हें ग्रहों का राजा माना जाता है. आप सभी को बता दें कि सूर्य को कुंडली में आत्मा तक का कारक माना गया है. कहते हैं सूर्य देव को अर्घ्य देने से हर प्रकार का कष्ट दूर होता है. हालाँकि अर्घ्य देने के कुछ खास नियम हैं, जिन्हें जान लेना बेहद जरूरी है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सूर्य देव को अर्घ्य देते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए और भूलकर भी यह काम नहीं करना चाहिए.


क्या न करें भूलकर भी-


1. सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए तांबे के पात्र का प्रयोग करें, स्टील, प्लास्टिक और कांच की बोतल का इस्तेमाल न करें.

2. सूर्य देव को अर्घ्य देने के दौरान जल के पात्र को दोनों हाथों से पकड़कर सिर के ऊपर से जल दें. 

3. अर्घ्य देते समय पात्र में अक्षत और लाल रंग के पुष्प रखे.

4. सूर्य को अर्घ्य देते समय ध्यान रखें, कि जल के छीटे आपके पैरों पर नहीं पड़ें.

5. सूर्यदेव को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए. जल अर्पित करते समय सूर्य की किरणें उस धार में दिखनी चाहिए.

6. सूर्य भगवान को अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्रों का जाप करना चाहिए. 

7.  हर दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से परिवार के सदस्य निरोग रहते हैं.

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