सीबीआई के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, जो लिखा था वही किया

Feb 05 2016 06:01 AM
सीबीआई के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, जो लिखा था वही किया

नई दिल्ली: सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा पर 2जी स्पेक्ट्रम के मामलें में आरोप लगाया है। इसी बात का खण्डन करते हुए ए. राजा ने कहा कि मेरे द्वारा जो बयान दिया गया है उसमें एक-एक बात सच है। किसी भी प्रकार का कोई भी फेरबदल नहीं किया गया है।

गुरूवार के दिन ए. राजा ने विशेष अदालत को बताया कि मैंने कभी भी प्रधानमंत्री मनमोहन जी को कभी भी गुमराह करने कि कोशिश नंही किया। 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया के बारे में सीबीआई ने जो आरोप लगाये हैं। वह सरासर गलत है। मैंने वही किया जो नवंबर 2007 में प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा था। ए. राजा कि और से उनके वकील मनु शर्मा ने विशेष सीबीआई जज ओ.पी. सैनी से ए. राजा कि तरफ से बयान देते हुए कहा कि ए. राजा ने तत्कालिन प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह जी को किसी भी प्रकार से गुमराह नंही किया है।

राजा के द्वारा 25 सितम्बर 2007 तक के जितने भी आवेदनों के लिए स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा। और वकील ने राजा कि तरफ से कहा कि ए. राजा ने प्रधानमंत्री से जो कहा था वह एक साल में पूरा हो भी गया। और यह सब यह दर्शाता है कि मैंने उनसे झूठ नंही बोला। मनु शर्मा ने अंतिम बहस के दौरान पलटवार करते हुए कहा कि यह तो सेल्युलर आॅपरेटर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया ;सीओएआईद्ध के द्वारा हुआ था। जिसने प्रधानमंत्री को खत में लिखा था कि पर्याप्त स्पेक्ट्रेम उपलब्ध नंही है। और इसके साथ ही दूरसंचार विभाग के स्पेक्ट्रम के आवंटन को रोकने की यह आखिरी कोशिश थी।

मनु शर्मा ने सीबीआई के दूसरे आरोप का भी खंण्डन करते हुए कहा कि उस तत्कालिक दूरसंचार मंत्री ने तो स्वाॅन टेलीकाॅम प्रा.लि. तथा यूनिटेक को फायदा पहुंचाने के लिए आवेदन करने की तिथि को घटाकर 2007 में 25 सितम्बर तक कर दिया।

मनु शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि यूनिटेक ने 24 सितम्बर 2007 को लांइसेंस के लिए आवेदन किया था। जबकि स्वाॅन ने फरवरी व मार्च 2007 में ही आवेदन कर दिया था। तो फिर ऐसे में स्वाॅन किसी के साथ मिलकर साजिश कैसे कर सकती है। बहस का अभी अतं नहीं हुआ है यह शुक्रवार को भी जारी रहेगी।