निहत्थे लड़ने में माहिर हुईं इंदौर की महिलाएं, BSF के प्रशिक्षकों ने सिखाए दांव-पेंच

इंदौर: हर क्षेत्र और प्रतिस्पर्धा में अव्वल रहने वाले शहर सीमा सुरक्षा बल (एसटीसी) इंदौर में बीते शनिवार शाम को महिलाओं को अनऑर्म्ड कॉम्बैट (UAC) सिखाया गया। पहले तो हम आपको यह जानकारी दे दें कि इस विधा में निहत्थे ही लड़ाई लड़ना और खुद का बचाव कैसे करना है यह सिखाया जाता है। महिलाओं को कई बार मुश्किल वक्त में इस विधा की जरूरत पड़ती है और इसी को मद्देनजर रखते हुए इस सेल्फ डिफेंस कैम्प का आयोजन किया गया। इस सेल्फ डिफेंस कैम्प के आयोजन में तकरीबन 100 महिलाओं ने प्रतिभागी बनकर निहत्थे ही लड़ाई लड़ने की विधा को सीखा।

इस कैम्प में बीएसएफ के प्रशिक्षकों ने सभी महिलाओं को सेल्फ डिफेंस, अटैक, पटकनी देना, बंदिशे से छूटना और अनेक ऐसे दांव-पेंच सिखाए, जो उनके काम आ सके और मुसीबत के समय में वह खुद को बचाते हुए बिना किसी हथियार के लड़ाई लड़ सके। सबसे खास बात यह रही कि इस कैम्प में एडवेंचरस वुमन ग्रुप की सदस्यों के साथ ही शहर की आम महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। वहीं इस दौरान एडवेंचरस वुमन ग्रुप की अध्यक्ष श्रेष्ठा गोयल ने कहा कि, 'इस कैम्प में हमने बहुत कुछ ऐसा सीखा जिससे हमारा कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ा है। अब लगता है हम जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा खुद कर सकते हैं।'

इसी के साथ बीएसएफ के टूआईसी सौरभ ने बताया कि, 'इस कैम्प में महिलाओं ने जो भी सीखा, यदि वे उसकी प्रैक्टिस करते रहें तो वाकई ये विधाएं उनकी हिफाजत करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।' इस दौरान बीएसएफ के प्रशिक्षकों ने महिआलों को जो भी अटैक और डिफेंस के दांव बताए उनके लिए एडवेंचरस वुमन ग्रुप की अध्यक्ष श्रेष्ठा गोयल ने आभार मानते हुए सराहना की।

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