गुलशन कुमार हत्याकांड में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पहले पैरोल पर बांग्लादेश भाग गया था हत्यारा अब्दुल रउफ

नई दिल्ली: गुलशन कुमार हत्या मामले से संबंधित याचिका पर बॉम्बे उच्च न्यायालय ने फैसला सुना दिया है. इसमें हत्या के एक दोषी अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट की सजा को बरकरार रखा गया है. बता दें कि अब्दुल रऊफ अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी है. उसे सेशन कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि अब्दुल रऊफ किसी तरह की उदारता का हकदार नहीं है, क्योंकि वह पहले भी पैरोल लेकर बांग्लादेश भाग गया था.

बता दें कि टी-सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की 12 अगस्त 1997 में मुंबई की जुहू इलाके में हत्या की गई थी. इसमें कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, वहीं कुछ पर केस चल रहे हैं. न्यायमूर्ति जाधव और न्यायमूर्ति बोरकर ने याचिका पर फैसला सुनाया. अब्दुल रऊफ को गुलशन कुमार हत्या के मामले में दोषी ठहराया था. अप्रैल 2002 में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी. फिर 2009 में वह पैरोल लेकर बाहर आया और बांग्लादेश भाग गया. फिर बाद में उसे बांग्लादेश से भारत लाया गया था.

गुलशन कुमार से संबंधित कुल चार याचिकाएं बॉम्बे उच्च न्यायालय में आई थीं. इसमें तीन अपील अब्दुल रऊफ, राकेश चंचला पिन्नम और राकेश खाओकर को दोषी ठहराए जाने के विरुद्ध थीं. वहीं अन्य याचिका महाराष्ट्र सरकार ने दाखिल की थी. यह बॉलीवुड प्रोडूसर रमेश तौरानी को बरी करने के खिलाफ थी. उनपर क़त्ल के लिए उकसाने का आरोप था, जिससे उनको बरी कर दिया गया था. बॉम्बे उच्च न्यायालय ने बाकी दोषियों की अर्जियों को आंशिक रूप से सुनने की बात कही है.

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