भोलेनाथ के डमरू मंत्र से दूर हो सकती है बड़ी से बड़ी बिमारी

हर साल मनाई जाने वाली शिवरात्रि इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली है. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान शिव के डमरू से निकले वह विचित्र मंत्र जो बड़ी समस्याओं को झट से खत्म कर देते हैं. जी हाँ, कहते हैं भगवान भोलेनाथ के डमरू से जो मन्त्र निकले थे वह हर रोग का नाश कर देते हैं. इसी के साथ पुराणों में लिखा हुआ है कि भगवान शिव के डमरू से कुछ अचूक और चमत्कारी मंत्र निकले थे जो मानजीवन के लिए खूब लाभकारी माने जाते हैं. इसी के साथ महाशिवरात्रि पर शिव के डमरू से प्राप्त 14 सूत्रों को एक श्वास में बोलने का अभ्यास किया जाता है और यह मंत्र कई बीमारियों का इलाज करने में सक्षम माने जाते हैं. इसी के साथ इनकी एक माला (108 मंत्र) का जप प्रतिदिन करने से सब्दसे ज्यादा लाभ होता है. आइए जानते हैं उस मंत्र को. 

शिव सूत्र रूप मंत्र इस प्रकार है- 'अइउण्‌, त्रृलृक, एओड्, ऐऔच, हयवरट्, लण्‌, ञमड.णनम्‌, भ्रझभञ, घढधश्‌, जबगडदश्‌, खफछठथ, चटतव, कपय्‌, शषसर, हल्‌।

1. कहा जाता है बिच्छू के काटने पर इन सूत्रों से झाड़ने पर विष उतर खत्म हो जाता है.

2. कहते हैं सांप के काटने पर जिस व्यक्ति को सांप ने काटा है अगर उसके कान में उच्च स्वर से इन सूत्रों का पाठ करें तो वह सही हो जाता है.

3. आप सभी को बता दें कि ऊपरी बाधा का आवेश जिस व्यक्ति पर आया हो उस पर इन सूत्रों से अभिमन्त्रित जल डालने से आवेश खत्म हो जाता है.

4. इसी के साथ इन सूत्रों को भोज पत्र पर लिखकर गले मे या हाथ पर बांधने से प्रैत बाधा खत्म हो जाती है.

5. कहते हैं ज्वर, सन्निपात, तिजारी, चौथिया आदि इन सूत्रों द्वारा झाड़ने फूंकने से खत्म हो जाता है और उन्माद या मृगी आदि रोग से पीड़ित होने पर इन सूत्रों को झाड़ने से आराम हो जाता है.

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