संध्या के समय इन कामों में करें परहेज ताकि बने रहे सकारात्मक ऊर्जा

घर में शांति, समृद्धि चाहते है, तो हर काम सही समय में करें। गलत समय में किया गया हर काम आपके लिए अशुभ हो सकता है। शास्त्रों में ऋषियों-मुनियों ने मनुष्यों के लिए आवश्यक विविध कार्यों के लिए समय निर्धारित किया है। रात्रि के लिए भोजन, शयन आदि के संबंध में अनेक उपयोगी बातें उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर लिखी हैं। रात्रि से पूर्व यानी संध्या का समय देवपूजन लिए इसलिए भी निश्चित किया गया है ताकि मनुष्य विकारों से दूर रहे और उसके मन में सकारात्मकता का प्रवाह अधिक हो। वे गलत एवं अनैतिक काम नहीं करें। 

रात के अंधकार में नकारात्मकता का आधिक्य होता है। इसीलिए शास्त्रों में रात को कुछ विशेष कार्यों का निषेध भी किया है। इसी तरह सूर्यास्त के समय ऐसें काम न करना चाहिए अपनी दिनचर्या में जिससे कि आपके देवी-देवता आपसे अप्रसन्न हो जाए। जानिए ऐसे कौन से काम है जो शाम के समय नही करना चाहिए, जिससे मां लक्ष्मी रूष्ट हो जाती है। 

शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के समय किसी को पैसे उधार देने से मां लक्ष्मी रूष्ट हो जाती हैं। सूर्यास्त के समय किसी को पैसा देने से घर में व व्यापार में बरकत नहीं रहती। 

अगर आप शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाते है जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है, लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि शाम को तुलसी को न छूना चाहिए न इसकी पत्ती तोड़नी चाहिए और न ही तुलसी पर जल चढाना चाहिए। जल चढाने का सबसे अच्छा समय सुबह का है। 

रात के समय झाड़ू और पोंछा नहीं लगाना। साथ ही एक मान्यता और भी है कि रात के समय घर से बाहर कचरा नहीं फेंकना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार इससे घर में अलक्ष्मी का वास होता है या लक्ष्मी रूष्ट हो जाती है।

शाम के समय कभी भी सोना नही चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आलस्य बढेगा और आप बीमारियों को दावत देंगे। इससे लक्ष्मी रुष्ट होती है और घर में दरिद्रता आती है। गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्ति और बुजुर्ग को ही शाम के समय आराम या सोना चाहिए। 

शाम के समय स्त्री या पुरुष प्रसंग या कामुक वार्तालाप नहीं करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी रूष्ट होती है।

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