बोफोर्स घोटाला: जिसने अर्श पर बैठे 'राजीव गाँधी' को फर्श पर उतार दिया

Aug 20 2019 12:00 AM
बोफोर्स घोटाला: जिसने अर्श पर बैठे 'राजीव गाँधी' को फर्श पर उतार दिया

आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री और नेहरू-गाँधी परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य राजीव गाँधी की जयंती है। वे आज ही के दिन सन 1944 को इंदिरा गाँधी और फ़िरोज़ गाँधी (खान) के घर जन्मे थे। वैसे तो देश में औद्योगिक क्रांति लाने का श्रेय राजीव गाँधी को ही जाता है, लेकिन उनके कार्यकाल में हुए एक बड़े घोटाले में भी उनका नाम लिया जाता है, वो घोटाला है बोफोर्स घोटाला, जिसका नाम सुनते ही कांग्रेस बैकफुट पर आ जाती है। 

दरअसल, स्वीडन के साथ किए गए बोफोर्स तोप सौदे के कारण 1980 के दशक में देश की सियासत में भूचाल सा आ गया था। 1989 में कांग्रेस को इसके कारण सत्ता तक गंवानी पड़ी थी। इस मामले में आरोपी इटली के बिजनसमैन ओत्तावियो क्वात्रोकी की गांधी परिवार से नजदीकी भी सवालों के दायरे में रही है। वहीं इस मामले में स्वीडन के पूर्व पुलिस चीफ स्टेन लिंडस्ट्रोम का कहना है कि बोफोर्स घोटाले में भारत के पूर्व पीएम राजीव गांधी के खिलाफ़ घूस लेने के कोई सबूत नहीं है। हालाँकि वे ये भी कहते हैं कि इतालवी व्यापारी ओतावियो क्वात्रोकी के खिलाफ़ पुख्ता सबूत थे लेकिन तत्कालीन पीएम राजीव गांधी ने क्वात्रोकी को बचाने की कोशिश की।

राजीव गाँधी पर ये भी इल्जाम लगते हैं कि उन्होंने क्वात्रोकी को भारत से चुपचाप निकलने में भी मदद की थी। हालांकि इस बात में कितनी सत्यता है, इसकी पुष्टि तो नहीं हो पाई है, लेकिन क्वात्रोकी की गाँधी परिवार से निकटता और बोफोर्स सौदे में उनका रोल राजीव गाँधी पर सवाल जरूर खड़े करता है।

39 की हुई 'मोहब्बतें' की यह खूबसूरत एक्ट्रेस, पति संग मनाया जन्मदिन !

डेविड धवन के जन्मदिन पर बोले सलमान, मुझे सबसे ज्यादा हिट फिल्में दी

डेविड धवन को कुछ इस तरह से किया सारा ने विश, देखें तस्वीर