दोगुनी हुई अखिलेश की मुश्किलें, अब 4.68 करोड़ के अवैध निर्माण के लिए भी होंगी कार्रवाई

Aug 03 2018 03:37 PM
दोगुनी हुई अखिलेश की मुश्किलें, अब 4.68 करोड़ के अवैध निर्माण के लिए भी होंगी कार्रवाई

लखनऊ। अपने सरकारी बंगले में तोड़-फोड़ करवाने के मामले  में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मुश्किलें दिनों दिन बढ़ते ही जा रही है। हाल ही में इस बंगले में तोड़फोड़ की जांच के लिए बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में अखिलेश के बंगला खाली करने के दौरान कुल 10 लाख रुपये का नुकसान आंका था जिसकी भरपाई के लिए उन्हें जल्द नोटिस भेज दिया जायेगा। लेकिन अब इस मामले में अखिलेश की मुश्किल और बढ़ गयी है। 

दरअसल जांच कमेटी ने एक और खुलासा किया है जिसके मुताबिक आखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए आवंटित किये गए अपने विक्रमादित्य मार्ग स्थित बंगले में राज्य संपत्ति विभाग की अनुमति के बगैर 4.68 करोड़ रुपये का निर्माण कराया था। चूंकि यह निर्माण बिना अनुमति के किया गया था इसलिए इसे अवैध निर्माण ही माना जायेगा। आपको बता दें कि अखिलेश यादव के बंगले की जांच के लिए राज्य सरकार ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति ने 266 पेज में बंगले की विस्तृत जांच रिपोर्ट दी है। 

इस रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने अपनी जाँच में ये भी पाया कि बंगले में राज्य संपत्ति विभाग व लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए मूल आवास के अतिरिक्त सिविल,विद्युत संबंधी कई अतिरिक्त कार्य भी कराए गए थे  जिसमे मुख्य भवन के सुधार व सौंदर्यीकरण पर 78.39 लाख रुपये खर्च किए गए थे। मुख्य भवन के अतिरिक्त कार्यों की लागत पोर्च समेत 64.54 लाख रुपये आई। 

 सरकार द्वारा मिले इस आलीशान बंगले में अखिलेश ने सिर्फ इलेक्ट्रिक वायरिंग और साज-सज्जा पर ही भारी खर्च नहीं किया बल्कि उन्होंने इसमें दो मंजिला अतिथिगृह और दो मंजिला सुरक्षा भवन एवं प्रतीक्षालय भी बनवा लिए थे। इन अतिरिक्त निर्माणों की कुल लागत 331.45 लाख रूपए आंकी गयी है। इसके अलावा दो मंजिला सर्वेंट क्वार्टर ब्लॉक पर 56.63 लाख रुपये और जनरेटर कक्ष पर 22.92 लाख रुपये खर्च किये गए है। ट्रीमिक्स फ्लोरिंग पर 13.19 लाख तथा पाथ-वे पर 1.23 लाख रुपये खर्च किए गए। इस तरह इन सभी निर्माण कार्यों की कुल लागत 5 करोड़ 57 लाख 86 हजार रुपये आंकी गई है। 

कैबिनेट मंत्री एवं प्रवक्ता राज्य सरकार सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास में कई निर्माण कार्य राज्य संपत्ति विभाग की अनुमति के बिना कराए थे और इसके लिए उन पर कानूनी कार्यवाई भी की जाएँगी। 

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