अमेरिका का दावा - चीन ने 20 लाख मुसलमानों को शिविरों में कर रखा है कैद, नमाज पढ़ने की भी छूट नहीं

वॉशिंगटन. चार दिनों बाद याने 10 दिसंबर को दुनियाभर में यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स डे यानी अंतरराष्‍ट्रीय मानवाधिकार दिवस आ रहा है. इस दिन को ह्यूमन राइट्स डे के रूप में इसलिए मनाया जाता है ताकि दुनिया भर में लोगों को उनके मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके. लेकिन अभी हाल ही में मानवाधिकार दिवस से कुछ दिनों पहले ही एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके मुताबिक चीन की सरकार ने मानवाधिकारों को तहस-नहस कर के रख दिया है. 

देश के 86 फीसदी बुजुर्ग आज भी मानव अधिकारों से है अनजान

दरअसल अपने आप को विकसित और अतिआधुनिक सोच वाले देश के रूप में प्रसारित करने वाले भारत के पड़ोसी देश चीन से आये दिन ऐसी खबरे आते रहती है जो उसके इन दावों को साफ़ झूठ साबित कर देती है. चीन में पिछले कुछ दिनों से मुस्लिमों के साथ बहुत भेदभाव हो रहा है और अब इस मामले में अमेरिका की ओर से एक ऐसा खुलासा किया गया है जो चीन में मुस्लिमों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को दुनिया के सामने पेश करता है.

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अमेरिका की ख़ुफ़िया एजेंसियों द्वारा हाल ही में पेश की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सरकार ने तक़रीबन 20 लाख धार्मिक अल्पसंख्यकों को नजरबंदी शिविरों में कैद कर के रखा हुआ है. अमेरिका ने यह भी दवा किया है कि इन 20 लाख धार्मिक अल्पसंख्यकों में से अधिकतर उइगर मुस्लिम है. 

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