आज इस आरती और मन्त्रों से करें श्रीराम को खुश, होंगे मेहरबान

Apr 13 2019 02:20 PM
आज इस आरती और मन्त्रों से करें श्रीराम को खुश, होंगे मेहरबान

आज चैत्र नवरात्रि का अष्टमी और नवमी का दिन दोनों ही है. ऐसे में नवमी के दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था. ऐसे में रामनवमी पर भगवान श्रीराम की अपने जन्म लग्नानुसार आराधना करने का अत्यधिक लाभ होना शुरू हो जाता है. कहा जाता है रामनवमी के दिन 12 बजे भगवान श्रीरामजी की आराधना करना चाहिए और उनकी आरती और उनके मन्त्रों से उन्हें खुश करना चाहिए. तो आइए आज जानते हैं भगवान राम के मंत्र और उनकी आरती.

भगवान राम की आरती- 
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

(1) मनोकामना पूर्ति एवं सर्वबाधा निवारण हेतु-

'कवन सो काज कठिन जग माही।
जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।।'

(2) भय व संशय निवृ‍‍त्ति के लिए-

'रामकथा सुन्दर कर तारी।
संशय बिहग उड़व निहारी।।'

(3) अनजान स्थान पर भय के लिए मंत्र पढ़कर रक्षारेखा खींचे-


'मामभिरक्षय रघुकुल नायक।
धृतवर चाप रुचिर कर सायक।।'

(4) भगवान राम की शरण प्राप्ति हेतु-

'सुनि प्रभु वचन हरष हनुमाना।
सरनागत बच्छल (शरणागत वत्सल) भगवाना।।'

(5) विपत्ति नाश के लिए-

'राजीव नयन धरें धनु सायक।
भगत बिपति भंजन सुखदायक।।'

(6) रोग तथा उपद्रवों की शांति हेतु-

'दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा।।' 

(7) संपत्ति प्राप्ति के लिए-


'जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख संपत्ति नानाविधि पावहिं।।

आज महागौरी के पूजन में जरूर करें इस मंत्र का जाप

मांगलिक दोषों से छुटकारे के लिए घर लाये इस पेड़ की जड़

इस वजह से हुआ भगवान कृष्णा का रंग नीला