सत्ता संभालने के 3 माह बाद ही उपचुनाव हार गई AAP, केजरीवाल के लिए अशुभ संकेत

अमृतसर: आम आदमी पार्टी (AAP) प्रत्याशी गुरमेल सिंह को शिअद (अमृतसर) नेता सिमरनजीत सिंह मान के हाथों जो शिकस्त मिली है, वह चौंकाने वाली है। हालांकि, संगरूर के वोटर्स ने पहले भी ऐसे नतीजे दिए हैं। इस बार उनके जनादेश की वजह से AAP को लोकसभा में अपनी एकमात्र सीट से भी हाथ धोना पड़ा है। यह हार पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि सत्ता में किसी पार्टी के लिए राज्य की कमान संभालने के तीन माह के अंदर चुनावी हार का सामना करना अनसुना है, जिसे आमतौर पर 'हनीमून पीरियड' माना जाता है।

संगरूर संसदीय सीट में आने वाली सभी नौ विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व आप MLA करते हैं और सीएम भगवंत मान समेत तीन मौजूदा मंत्री संगरूर से हैं। फरवरी में हुए चुनाव में पार्टी ने संगरूर की सभी नौ विधानसभा सीटों पर औसतन 40 फीसदी वोट प्राप्त किए थे। इस बार, कुल मतदान फीसद 45% था और पार्टी प्रत्याशी दो मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रहा था। सीएम भगवंत मान सहित सभी शीर्ष नेताओं ने पार्टी उम्मीदवार के लिए जोरदार प्रचार किया था। 

पार्टी के MLA और अन्य नेता हाईकमान की तरफ से पार्टी की राज्य इकाई की स्वतंत्रता में कमी को हार की वजह बता रहे हैं। हालांकि, पार्टी प्रवक्ता मलविंदर कांग ने पार्टी हाईकमान के सरकारी मामलों में दखल देने के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि, 'हमारी एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम मार्गदर्शन व सलाह के लिए अपने नेताओं की तरफ देखते हैं।'

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