मालवा-निमाड़ में बढ़ सकता है कोरोना का आतंक, 37 हजार पॉजिटिव की जताई आंशका

मध्य प्रदेश में कोरोना कहर बरपा रहा है. दिन पर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है. वहीं, जून-जुलाई में कोरोना अपने चरम पर होगा. प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 84 हजार पहुंचने की आशंका है. इनमें से अकेले मालवा-निमाड़ में ही 37 हजार से ज्यादा मरीज होंगे. प्रदेशभर में 1975 वेंटिलेटर की जरूरत होगी. इतने बड़े पैमाने पर मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर के 2621 निजी अस्पतालों की सूची तैयार कर ली गई है. अब चिंता इस बात की है कि प्रदेशभर के निजी अस्पतालों के पास मिलाकर भी 200 वेंटिलेटर तक नहीं है. ज्यादातर निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर नहीं है. कुछ जिले तो ऐसे भी हैं जहां एक भी वेंटिलेटर नहीं है. ऐसे में इतनी बडी संख्या में मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती भरा रहेगा.

दरअसल, राष्ट्रीय स्तर पर भी अनुमान लगाया जा रहा है कि देश में जुलाई तक कोरोना अपने चरण पर पहुंच जाएगा. ऐसे में जुलाई तक इंदौर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 13438 तक पहुंच जाएगी. इनके इलाज के लिए दो हजार से ज्यादा ऐसे पलंग की जरूरत होगी जहां सीधे ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था हो. 672 वेंटिलेटर भी लगेंगे. इन अनुमानों को देखते हुए शासन ने अपने स्तर पर व्यवस्था शुरू भी कर दी है. इंदौर के 328 निजी अस्पतालों की सूची तैयार की गई है. सूची में अस्पतालों के साथ वहां उपलब्ध पलंग और वेंटिलेटर का जिक्र भी हो रहा है.

बात दें की इंदौर के अलावा जिन जिलों में सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिलने की आशंका जताई जा रही है उनमें भोपाल (10658), जबलपुर (7081) शामिल हैं. पिछले दिनों इंदौर आए केंद्रीय दल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय स्तर पर लगाए जा रहे अनुमानों को देखते हुए वह इंतजाम में जुटे और देखे कि इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज की क्या व्यवस्था की जा सकती है. हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सूची तैयार की है.  

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