बार-बार करता है सरदर्द परेशान तो दवाओं की जगह करें एक आसन

बार-बार करता है सरदर्द परेशान तो दवाओं की जगह करें एक आसन

ज्यादातर सिरदर्द, मांसपेशियों में तनाव के कारण होता है. ये सरदर्द आपको भी परेशान कर देता है और यह मानसिक दबाव बढ़ने से सिरदर्द करने लगता है. इसके लिए आप दवाओं का सेवन करते हैं और ऐसे में अगर आप इस बार-बार होने वाले सिरदर्द से परेशान हैं इसके लिए योग करना बेहतर उपाय है. आइये जानते हैं कौन से आसन आपके लिए सरदर्द के लिए  बेहतर होंगे. 

क्‍यों होता है सिरदर्द
लगातार कंप्‍यूटर के सामने बैठ कर काम करने से यह समस्या पैदा होती है. ऐसे में हम बार-बार चाय और दवाइयां का सेवन करते रहते है जोकि सही नहीं है. कई बार इसके पीछे की वजह अत्यधिक तनाव और आँखों की कमजोरी भी हो सकती है. 

आसन की विधि
सुविधाजनक स्थान पर कंबल या दरी बिछाकर पंजों पर बैठें. सिर के नीचे तकिया या कुशन रखकर, सिर झुकाकर जमीन से सटा दें. दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर सिर के दोनों ओर जमीन पर रखें. फिर हाथों के बल स्थिर हो जाएं. पैर ऊपर करके सीधे (सिर के बल) हो जाएं. बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाहिने पैर की जांघ से सटा दें. यही आसन की पूर्ण अवस्था है. 

आसन के लाभ
इस आसन का नियमित अभ्यास सिरदर्द दूर करने में बहुत उपयोग होता है. यह मानसिक तनाव एवं आलस्य को दूर करता है. साथ ही कमर सीधी रहती है. पैरों को मजबूती मिलती है. बवासीर के रोगियों के लिए भी यह आसन फायदेमंद है. छाती, गर्दन और पीठ के रोगों में यह आसन काफी लाभ पहुंचाता है.

सावधानी

इस आसन को किसी योग प्रशिक्षक की निगरानी में ही करें.

पीरियड्स में इस आसन को करने से परहेज करें.

हाई बीपी या चक्कर आने की समस्‍या में भी यह आसन नहीं करना चाहिए.

अगर गर्दन में किसी तरह की समस्‍या है, तो भी इस आसन को करने से परहेज करें.

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