जानिए आखिर क्या है विश्व एनजीओ दिवस का इतिहास?

Feb 27 2021 04:02 AM
जानिए आखिर क्या है विश्व एनजीओ दिवस का इतिहास?

पूरी दुनिया में 27 फरवरी को विश्व गैर सरकारी संगठन दिवस मनाया जाता है। दिन का लक्ष्य गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) क्षेत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। विश्व भर के नागरिकों को प्रोत्साहित करने और समर्पित तौर पर अच्छे काम के लिए काम करने के लिए यह दिवस प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। एनजीओ को गैर-सरकारी संगठन अथवा गैर-लाभ संगठनों के रूप में भी जाना जाता है जो आज के समाज में कई चुनौतियों का सामना करते हैं। एनजीओ शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान अथवा विकास इत्यादि जैसे विभिन्न इलाकों में अहम किरदार निभाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य नागरिकों को समाज की भलाई के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करना तथा प्रोत्साहित करना है।

2010 में, विश्व एनजीओ दिवस को आधिकारिक रूप से लिथुआनिया में बाल्टिक सागर प्रदेशों के IX बाल्टिक सागर NGO फोरम परिषद के सदस्य देशों द्वारा मान्यता प्राप्त हुई थी। बाल्टिक सागर NGO फोरम के सदस्य देश डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, जर्मनी, आइसलैंड, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, रूस, नॉर्वे तथा स्वीडन हैं। 27 फरवरी, 2014 को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में प्रथम बार विश्व एनजीओ दिवस मनाया गया। इस आयोजन की मेजबानी फिनलैंड के विदेश मंत्रालय द्वारा की गई थी। हेलसिंकी में आयोजित समारोह में सैकड़ों NGO, यूएन, यूनेस्को तथा यूरोपीय संघ के अंतर्राष्ट्रीय नेता एकत्रित हुए थे।

विश्व एनजीओ दिवस मनाने के उद्देश्य हैं:-

- सभी क्षेत्रों से गैर सरकारी संगठनों की कोशिशों तथा कामयाबियों को उजागर करना।

- समाज में गैर-सरकारी संगठनों के किरदार को समझने के लिए, स्थानीय, राष्ट्रीय तथा इंटरनेशनल लेवल पर हमारे समाज के लिए एनजीओ क्या कर रहा है को दर्शाना।

- गैर-सरकारी संगठनों के लिए एक मंच प्रदान करना जिससे वह उन मसलों पर चर्चा कर सकें जिसकी वजह से उनके काम में बाधा आती है साथ ही अपने ज्ञान तथा अनुभवों को साझा करना।

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