जानें रेलवे स्टेशन बोर्ड पर क्यों लिखी होती है समुद्र तल की ऊंचाई

Feb 27 2018 02:45 PM
जानें रेलवे स्टेशन बोर्ड पर क्यों लिखी होती है समुद्र तल की ऊंचाई

हममे से ज्यादातर लोगों ने ट्रेन में सफर किया होगा. ट्रेन के सफर में खिड़की के पास बैठ बाहर के नज़ारे देखना काफी मनमोहक होता है. हालांकि आपने इस दौरान कई बार नोटिस किया होगा कि बाहर के खूबसूरत नजारों के अलावा रेलवे के वो खम्भे भी चलते रहते है जिनपर पीले काले रंग का बोर्ड लगा रहता है. इन बोर्डों पर विभिन्न्न प्रकार की आकृतियों के अलावा कुछ छोटे मैसेज भी लिखे रहते है. इसके अलावा आपने किसी रेलवे स्टेशन पर लगे, स्टेशन के नाम वाले बोर्ड पर ध्यान दिया हो तो आपने रेलवे स्टेशन के नाम के नीचे समुद्र तल से ऊंचाई (Mean Sea Level, MSL) जैसे की 200 मीटर, 310 मीटर आदि लिखा देखा होगा. क्या आपने कभी सोचा है कि रेलवे स्टेशन पर समुन्द्र तल की ऊंचाई दिए जाने का क्या मतलब है. तो हम आपको बता दे कि लेना-देना है.

कैसे? यहीं हम आपको बताने वाले है. तो चलिए समझते है रेलवे के कुछ ऐसे ही तिकड़मों को, जिन्हे हम सिर्फ देखते है उनके बारे में कुछ जानते नहीं है. सबसे पहले समझते है समुद्र तल से ऊंचाई (Mean Sea Level) का मतलब. जैसा कि हम जानते है पृथ्वी गोल है, इसका कोई कोना नहीं है. अत: दुनिया को पृथ्वी की सतह से नापने के लिए एक ऐसे पॉइंट की जरुरत थी जो हमेशा एक जैसा बना रहे और समुद्र से बेहतर ऐसा कुछ भी नहीं हो सकता था. वैज्ञानिकों ने माना MSL की मदद से ऊंचाई की गणना करना बेहद सहज है.

बता दें कि MSL का इस्तेमाल सबसे ज्यादा सिविल इंजीनियरिंग में किया जाता है. ये किसी बिल्डिंग या जगह की ऊंचाई नापने के काम आता है. तो चलिए अब जानते है रेलवे से जुड़े कुछ ऐसे नियम जिन्हें बेहद कम लोग जानते है. ‘समुद्र तल की ऊंचाई’ (Mean Sea Level, MSL) भारतीय रेलवे स्टेशन बोर्ड पर यात्रियों के लिए नहीं बल्कि ट्रेन के गार्ड और ड्राईवर के लिए लिखी होती है. उदाहरण के लिए अगर ट्रेन 500 मीटर समुद्र तल की ऊंचाई (MSL) से 550 मीटर समुद्र तल (MSL) की ऊंचाई पर जा रही है तो ड्राईवर तो ड्राइवर को इससे ये अंदाजा मिलता है कि इस 50 मीटर की अधिक चढ़ाई को चढ़ने के लिए उसे इंजन की छमता को और कितना बढ़ाना होगा.

वहीं ट्रेन के नीचे की ओर जाने पर फ्रिक्शन का अंदाजा मिलता है. ड्राइवर की सहूलियत के लिए ही समुद्र तल की ऊंचाई (MSL) लिखी जाती है. इसके अलावा ट्रेन के ऊपर लगे बिजली के तारों को एक सामान ऊंचाई देने में भी MSL का इस्तेमाल किया जाता है.

 

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