तुम्हारी आदत सी हो गयी है

तुम्हारी आदत सी हो गयी है

़िन्दगी जैसे एक सज़ा सी हो गयी है 
ग़म के सागर में कुछ इस कदर खो गयी है 
तुम आ जाओ वापिस यह गुज़ारिश है मेरी 
शायद मुझे तुम्हारी आदत सी हो गयी है