नहीं चल रहे ट्रकों के पहिये, नुकसान के बावजूद हड़ताल जारी

नहीं चल रहे ट्रकों के पहिये, नुकसान के बावजूद हड़ताल जारी

नई दिल्ली : ट्रांसपोर्टरों के द्वारा शुरू की गई हड़ताल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है जबकि इसके कारण देश के कई हिस्सों में सामान की आपूर्ति को लेकर काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है. इस आंदोलन के अंतर्गत ट्रांसपोर्टरों ने जंतर-मंतर पर धरने का भी आयोजन किया और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में ज्ञापन भी दिया है. साथ ही इस हड़ताल को देखते हुए यह भी कहा जा रहा है कि जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव और हड़ताली ट्रांसपोर्टरों की एक बैठक भी होने वाली है. जिसमे इस हड़ताल का उचित समाधान भी सामने आने की सम्भावना जताई जा रही है.

गौरतलब है कि आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर यह हड़ताल ट्रांसपोर्टरों के द्वारा 1 अक्टूबर से शुरू की गई है. बताया जा रहा है कि इस दौरान सभी ट्रक चालक टोल सिस्टम को खत्म करने को लेकर इस आंदोलन पर निकले है. अनुमान यह भी लगाया जा रहा है इस देशव्यापी हड़ताल से ट्रांसपोर्टर्स को रोज करीब 1500 करोड़ रूपये और साथ ही 10 हजार करोड़ रूपये का नुकसान होने वाला है.

सरकार ने इसके लिए कई कोशिशे भी की थी कि यह हड़ताल ना हो सके लेकिन इसके बावजूद भी ट्रक ट्रांसपोर्टर्स के द्वारा इस हड़ताल को शुरू किया गया है. इसके तहत यह भी कहा जा रहा है कि दूध, सब्जी और दावा जैसी अतिआवश्यक चीजों को इस हड़ताल से दूर ही रखा गया है. इस मामले को देखते हुए सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि ट्रांसपोर्टरों पर यह बात निर्भर करती है कि वे इस हड़ताल को कितने दिनों तक लेकर जाना चाहते है.