डिजिटल शिक्षा के लिए बढ़ते कदम - टॉपरैंकर्स द्वारा जुटाए गए 4.5 करोड़ रुपये
डिजिटल शिक्षा के लिए बढ़ते कदम - टॉपरैंकर्स द्वारा जुटाए गए 4.5 करोड़ रुपये
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नई दिल्ली :आज आपने भी देखा की डिजिटल तकनीक का कितना विस्तार और विकास हो रहा है उसका असर हमारे जीवन के हर एक पहलु को सँजोकर रखने में हो रहा है . इस खेतर में प्रगति से हमारी जटिल से जटिल समस्याएं दूर हो रही है और हम भी इसके जरिये विकास कर पा रहे है . डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्म टॉपरैंकर्स ने करियरनेट कंसल्टिंग और आइडियेशन इनिशिएटिव्स प्रा. लि. से 4.5 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त की है। कंपनी की योजना इस पूंजी का प्रयोग प्रगतिशील तकनीक में निवेश करके अपनी सेवाओं को अपग्रेड करने और भारत में अपनी भौगोलिग मौजूदगी का विस्तार करने की है। टॉपरैंकर्स एक बेंगलुरु स्थित परीक्षाओं की तैयारी कराने का एक ऑनलाइन पोर्टल है जो एक अभिनव प्लेटफार्म के जरिये प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में विद्यार्थियों को सक्षम करता है। यह व्यापक शिक्षा सामग्रियां और अभ्यास के लिए विस्तृत सामग्री प्रस्तुत करता है।

2014 में स्थापितए इस उपक्रम का कार्यालय वर्तमान में बेंगलुरु के अलावा भोपाल और दिल्ली में है और इसकी टीम में लगभग 40 सदस्य हैं जो सभी कार्यालयों में 60 फ्रीलांसर्स के साथ काम कर रहे हैं। इस फंडिंग पर टिप्पणी करते हुएए टॉपरैंकर्स के सह-संस्थापक गौरव गोयल ने कहा, आईसीटी सिस्टम ने पहले से ही भारत में डिजिटल शिक्षा को बदलना शुरू कर दिया है, इसलिये हम भी अपने व्यापक प्लेटफार्म के माध्यम से सभी उम्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित हैं।

करियरनेट के सीईओ ऋषि दास ने कहा, भारत में प्रतियोगी शिक्षा का क्षेत्र आनुमानित रूप से लगभग 6 अरब डॉलर मूल्य का है और चूंकि अब ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन ही आयोजित की जा रही हैं इसलिए इसके भविष्य में बेहद तेजी से बढऩे की उम्मीद है। इस क्षेत्र में एक होनहार उपक्रम होने के नाते, टॉपरैंकर्स इन परीक्षाओं के लिए तैयारी करने के विद्यार्थियों के तरीकों को बदलने में निस्संदेह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम उम्मीद करते हैं कि यह कंपनी अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचेगी, विद्यार्थियों के लिए एक व्यक्तिगत ट्यूटर के रूप में काम करने वाले एक बेहद उपयोगी प्लेटफार्म को उन्हें प्रदान करके उनके संपूर्ण अनुभव को बदलेगी।

आइडियेशन इनिशिएटिव्स के एमडी मोहित गुप्ता ने कहा, आईसीटी के बढऩे के साथ हम यह देख रहे हैं कि लगभग सभी क्षेत्रों में काफी सारी प्रतियोगी परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं। यह अनुमान है कि हर साल लगभग 1.8 करोड़ विद्यार्थी इन परीक्षाओं में भाग लेते हैं। इस वित्त वर्ष के अंत तक अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षण बाजार के 107 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

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