वैवाहिक जीवन के लिए यह गृह, शत्रु मानें गये हैं

परेशानी तो हर इंसान के जीवन में देखी जा सकती है, कोई आर्थिक समस्या से परेशान है, तो कोई अपने वैवाहिक जीवन में चल रही मुसीबतों से परेशान है। आज हम आपसे आपके वैवाहिक जीवन में पैदा होने वाली परेशानी के बारे में चर्चा करने वाले हैं। दरअसल शास्त्र कि मानें तो इंसान के वैवाहिक जीवन में जो भी समस्या पैदा होती है उसका सम्बध गृहों से होता है, ब्रम्हाण्ड में व्याप्त कुछ गृह ऐसे है, जो वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल पैदा करते हैं। आज हम आपसे कुछ इसी सिलसिले पर चर्चा करने वाले हैं, यहां पर हम जानेंगे कि आखिर ब्रम्हाण्ड में वह कौन से गृह मौजूद है, जो मानव के वैवाहिक जीवन के लिए शत्रु गृह माने गये हैं?

शनि – अगर शनि का संबंध विवाह भाव या उसके गृह से हो, तो विवाह भंग होता है। शनि विवाह भंग करने का कारण होता है, तो इसके पीछे घर के लोग जिम्मेदार माने जाते हैं। शनि की वजह से पति-पत्नी के संबंधों में दूरियां बन जाती है। अगर शनि की वजह से समस्या आ रही हो, तो शिव जी को रोज सुबह जल चढ़ाएं। साथ ही शनिवार को लोहे के बर्तन में भरकर सरसों के तेल का दान करें।

मंगल – वैवाहिक जीवन में हिंसा हो रही हो तो इसके पीछे मंगल होता है। अगर मामला हिंसा तक पहुंच गया है तो इसके पीछे मगंल होता है।

सूर्य – इसका दुष्प्रभाव हो तो जीवनसाथी का करियर बाधा देता है। कई बार अंहकार के कारण आपसी संबंध खराब हो जाते हैं। यहां पर बहुत सोच समझकर शांतिपूर्ण तरीके से विवाह भंग होता है। हालांकि शादी के काफी समय बाद विवाह विच्छेद होता है। रोज सुबह सूर्य को रोली मिला हुआ जल अर्पित करें। एक तांबे का छल्ला जरूर धारण करें। गुलाबी रंग के कपड़े धारण करना शुभ माना जाता है।

 

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