ये उपाय दिलाऐंगे मंगलदोष से मुक्ति का समाधान

Sep 07 2015 08:10 PM
ये उपाय दिलाऐंगे मंगलदोष से मुक्ति का समाधान

जन्मपत्रिका के अनुसार यदि कोई जातक मंगल दोष से ग्रसित होता है तो उसे विवाह में विलंब, नौकरी में परेशानियां, कैरियर में उतार - चढ़ाव और अन्य कई परेशानियां झेलना पड़ती हैं। ऐसे जातक को मंगल दोष के निवारण के लिए पूजन का उपाय बताया जाता है। मगर यह पूजन मध्यप्रदेश के उज्जैन में प्रतिष्ठापित मंगलनाथ और अंगारेश्वर मंदिर में ही होता है। ऐसे में जातकों को कुछ और ऐसे उपाय भी बताए जाते हैं जिन्हें कर वे मंगल देव को प्रसन्न करते हैं या इस दोष का विकल्प पा लेते हैं। जातक की कुंडली में प्रथम चतुर्थ, सप्तम, आठवें और बारहवें भाव में मंगल विराजमान हों तो यह कुंडली मांगलिक मानी जाती है।

मेष राशि के जातक को स्वग्रही होने पर मंगल का असर कुछ कम होता है लेकिन फिर भी कहीं कहीं मान्यताओं में इसे मांगलिक ही माना जाता है। ऐसे जातकों को प्रति मंगलवार को भगवान मंगलदेव का स्मरण कर लाल वस्त्र दान करना चाहिए। ऐसे में श्री मंगल यंत्र का पूजन और उस पर कुमकुम व लाल फूल चढ़ाना अच्छा होता है। जातक एक लाल वस्त्र में गेहूं रखे और उसे किसी योग्य व्यक्ति को दान दे तो भी उसकी पीड़ा दूर होती है। यही नहीं गाय को गेहूं और गुड़ खिलाने से भी उसका दोष शांत होता है।

प्रति दिन या फिर हर मंगलवार को शिवलिंग पर कुमकुम और चंदन चढ़ाने से जातक को लाभ मिलता है। यही नहीं शिवलिंग पर लाल मसूर अर्पित करने और लाल मसूर का दान पात्र को करने से भी उसके दोष का निवारण होता है। इसके अलावा श्री रामदुलारे, जितेंद्रीय, महाबलि, चीरंजीवी श्री हनुमान जी की आराधना और उनके मंदिर में आटे का दीपक या फिर मिट्टी का दीपक लगाने से भी लाभ मिलता है।