मुलायम सिंह की अध्यक्षता में छह पार्टियों का विलय

Apr 16 2015 02:57 AM
मुलायम सिंह की अध्यक्षता में छह पार्टियों का विलय
style="text-align: justify;">महीनों तक विचार-विमर्श करने के बाद छह पार्टियों ने बुधवार को एक दल के रूप में अपने विलय की घोषणा की, जिससे यह नया राजनीतिक गठबंधन नरेंद्र मोदी नीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला कर सके। नई पार्टी का नाम क्या होगा और इसका चुनाव चिन्ह क्या होगा, इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। इसी गठजोड़ में शामिल समाजवादी पार्टी के प्रमुख नई पार्टी के अध्यक्ष होंगे। पार्टियों ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के खिलाफ 'एक नई जंग' छेड़ने के लिए वे एकजुट हुए हैं।
 
इस फैसले की घोषणा जनता दल (युनाइटेड), जनता दल-सेक्युलर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं की मुलायम सिंह यादव के आवास पर हुई बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में की गई। जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, "छह पार्टियों ने आम राय से नई पार्टी के गठन का फैसला लिया है। मुलायम सिंह यादव नई पार्टी के अध्यक्ष होंगे।
 
वे संसदीय बोर्ड के भी अध्यक्ष होंगे।" संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को मुलायम सिंह यादव, राजद नेता लालू प्रसाद, जद-एस नेता एच. डी. देवगौड़ा और इनेलो नेता अभय चौटाला ने संबोधित किया। शरद यादव ने कहा कि नई पार्टी के चुनाव चिन्ह, इसका झंडा एवं अन्य मुद्दों पर फैसला सभी घटक दलों के अध्यक्षों द्वारा मुलायम सिंह से परामर्श लेकर लिया जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि लंबित मुद्दों पर शीघ्र फैसला लेने के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है। संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया गया कि लंबित मुद्दों पर फैसले के लिए समिति का गठन कर दिया गया है जिसमें राम गोपाल यादव (सपा), शरद यादव (जदयू), लालू प्रसाद (राजद), एच. डी. देवगौड़ा (जद-एस) और कमल मुरारका (समाजवादी जनता पार्टी-राष्ट्रीय) होंगे। विलय के बाद संवाददाता सम्मेलन में लालू प्रसाद ने कहा कि देश के लोग बिहार में इस वर्षात में होने वाले विधानसभा चुनाव की तरफ नजरें जमाए बैठे हैं और मुलायम सिंह यादव केंद्र में भाजपा नीत सरकार के खिलाफ 'नई लड़ाई' का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार से ही भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी।
 
लालू प्रसाद ने केंद्र में सत्ता में विराजमान भाजपा को 'नई लड़ाई' की चुनौती दी। उन्होंने कहा, "हमने मुलायम सिंह पर सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लड़ाई की जवाबदेही सौंपी है। इसी शक्ति ने सत्ता पाने के लिए धोखा दिया है। हमने एक साथ आने के लिए अपनी पहचान की बलि दी है।" मुलायम सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार का एक वर्ष पूरा होने के करीब है लेकिन एक भी नया काम नहीं किया। सपा नेता ने कहा, "उन्हें बहुमत मिला लेकिन अभी तक एक भी नया काम नहीं किया है।
 
यह पहली सरकार है जिसने किसी भी मुद्दे पर विपक्ष से मशवरा नहीं किया है।" बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दी भाजपा को दी गई चुनौती पर पार्टी प्रवक्ता एम. जे. अकबर ने विलय को 'राजनीतिक कद्दावरों का परिसंघ' करार दिया। अकबर ने कोलकाता में कहा, "राजनीतिक अकाओं का यह अस्थायी गठबंधन है। ये कद्दावर सोचते हैं कि चुनाव सुशासन पर आधारित नहीं होता है, बल्कि मतदाताओं पर आधारित होता है। जैसा कि अमित शाहजी ने कहा है शून्य जोड़ शून्य बराबर शून्य।"