विदेश में पढ़ाई के लिए देने पड़ते है इतने टेस्ट...?

विदेश में पढ़ाई के लिए देने पड़ते है इतने टेस्ट...?

भारत में विदेश जाकर पढाई का क्रेज बहुत बढ़ गया है. विदेश में पढाई करने केलिए युवा बहुत से फॉर्म भरते है. अमेरिका में पढाई करने के लिए 25 हजार छात्र चुने जाते है. अमेरिका के बाद युवाओ की पसंद यूके, ऑस्‍ट्रेल‍िया, कनाड़ा, न्‍यूजीलैंड जैसे देश होते है. विदेश में पढाई करने के लिए बहुत सी एग्जाम देनी पढ़ती है जैसे टीओईएफएल, आईईएलटीएस, जीएमएटी, जीआरई आदि.

विदेश में एडमिशन लेने के लिए बहुत सी स्टेज को क्लियर करना पड़ता है. अगर आप ऑस्ट्रेलिया में जाकर पढाई करने का सोच रहे है तो आपके पास इन संस्थानों में आईईएलटीएस का स्कोर होना चाहिए.

टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरेन लैंग्वेज (TOEFL)

130 देशों में इस संस्थान का स्कोर मांगा जाता है. छात्रों का इंटरनेट बेस्ट टेस्ट भी लिया जाता है. इसके लिए रीडिंग, लिसनिंग, राइटिंग और स्पीकिंग की परीक्षा देनी पड़ती है.

इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (IELTS)

इसमें इंग्लिश का ज्ञान होना चाहिए. इस परीक्षा को ब्रिटिश काउंसिल, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, ईएसओएल और आईडीपी एजुकेशन, ऑस्ट्रेलिया के द्वारा आयोजित किया जाता है.

ग्रेजुएट मैनेजमेंट टेस्ट (GMAT)

जीमैट एग्जाम देकर स्टूडेंट्स मैनेजमेंट कॉलेजों में एडमिशन लेते है. दुनिया में बहुत से बिजनेस स्कुल है. इन स्कूलों और कॉलेजों में जीमैट स्कोर मान्य होता है.

स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT)

अमेरिका के विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट देना पड़ता है. इस टेस्ट में आपकी समझने की क्षमता, मैथ्स और वर्बल रीजनिंग से जुड़े सवाल पूछे जाते है.

ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जामिनेशन (GRE)

जीआरई की परीक्षा कंप्यूटर पर आधारित परीक्षा है. इस परीक्षा को अमेरिका के कई ग्रेजुएट कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए देना पड़ता है.

मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट (MCAT)

विदेश के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए एमकैट परीक्षा पास करना होता है. इस परीक्षा में वर्बल रीजनिंग, फिजिकल साइंस, बायोलॉजिकल साइंस और राइटिंग सैंपल से जुड़े सवाल पूछे जाते है.