अकेले तेलंगाना में पिछले साल 8000 लोगों ने की ख़ुदकुशी, हैरान करते हैं पूरे देश के आंकड़े

नई दिल्ली: देश में रोज़ाना कई लोग ख़ुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं. कुछ लोग बाहरी दबाव के कारण ऐसा कदम उठाते हैं, तो कुछ मन के अंदर किसी बात को लेकर चल रही उथल पुथल के चलते ख़ुदकुशी कर लेते हैं. साल 2020 में 3,765 लोगों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. महाराष्ट्र में आत्महत्या की दर सबसे ज्यादा है. तेलंगाना में 2019 की तुलना में आत्महत्या के मामलों में 5 फीसद का इजाफा हुआ है. तेलंगाना में 2020 में 8,058 लोगों ने ख़ुदकुशी की थी.

हैदराबाद में आत्महत्या के 398 केस सामने आए थे. वहीं, 2019 की तुलना में तेलंगाना में ख़ुदकुशी की रिपोर्ट में 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. हैदराबाद में 2.3 फीसद की वृद्धि देखी गई. सूबे में 947 आत्महत्याओं की वजह दिवालियापन या कर्ज था, जबकि शहर में ऐसा कोई केस नहीं देखा गया. विवाह संबंधी मुद्दों की वजह से राज्य में 104, शहर में चार आत्महत्याएं हुईं. परीक्षा में फेल होने के चलते राज्य में 66, शहर में 12 आत्महत्याएं हुईं. पारिवारिक समस्याओं के कारण तेलंगाना में 4,190 और शहर में 122 लोगों ने अपनी जान दी.

रिश्ते के मुद्दों के कारण राज्य में 193 खुदकुशियां हुईं, शहर में 26 जबकि बेरोजगारी की वजह से राज्य में 23, शहर में आठ आत्महत्याएं हुईं. तेलंगाना में 471 किसानों ने ख़ुदकुशी की और यह इस मामले में भारत में 7वें नंबर पर है. आत्महत्या के मामले में गुजरात भी 7वें पायदान पर है. किसान आत्महत्याओं की सबसे अधिक तादाद महाराष्ट्र (4,006 केस) में दर्ज की गई, इसके बाद कर्नाटक (2016), आंध्र प्रदेश (889) का नंबर आता है.

यूरोजोन मुद्रास्फीति 2008 के बाद से अब पहुंची अपने उच्चतम स्तर पर

बालीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री ने 1090 के शुभंकर का अनावरण किया

RBI ने एक्सपोजर वाले उधारकर्ताओं के लिए चालू खाता खोलने के नियमों में किया बदलाव

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -