देश में बना तेजस विदेशी धरती पर दिखाएगा अपना जौहर

Jan 21 2016 02:19 PM
देश में बना तेजस विदेशी धरती पर दिखाएगा अपना जौहर

नई दिल्ली : देश रक्षा हथियारों के मामले में स्वावलंबी होने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने पहला स्वदेशी निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट लड़ाकू विमान बनाया है, जो कि चीन और पाकिस्तान के संयुक्त प्रयासों से बने लड़ाकू विमान JF-17 थंडर को आसमान में टक्कर देगा। इसका नाम तेजस रखा गया। इसके निर्माण प्रक्रिया में देरी होने से ये पहले ही काफी चर्चा में रही है।

तेजस को 21 से 23 जनवरी के बीच बहरीन में होने वाले एयर शो के दौरान थंडर के मुकाबले पेश किया जाना है। इसके लिए तेजस बहरीन पहुंच चुका है। कहा जा रहा है कि ऐसा पहली बार है जब देश में बना फाइटर प्लेन विदेश के किसी एयर शो में अपना जौहर बिखेरेगा। रक्षा विभाग का कहना है कि तेजस थंडर से कम से कम 6 मानकों में बेहतर है। इस एयर शो में दोनों लड़ाकू विमानों की जांच भी की जाएगी। इस काम के लिए टेलेमेट्री यूनिट लगाई गई है।

यह एक स्वचालित संचार व्यवस्था है, जो डेटा को सेव करने के साथ-साथ प्रदर्शन को भी मापती है। एयरफोर्स इसके लिए 20 एयरक्राफ्ट्स का एक स्क्वाड्रन गठित करेगी। बेगलुरु स्थित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बताया कि 15 एयरक्राफ्टस उड़ान भरेंगे, जिनमें से कुछ प्रोटोटाइप और बाकी बचे टेस्ट एयरक्राफ्ट होंगे। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों विमानों की इंजन क्षमता समान है। कुछ मामलों में तेजस थंडर से बेहतर है। तेजस एक उड़ान में 2300 किमी की दूरी तय कर सकता है, जब कि थंडर 2037 किमी की दूरी तय करता है।

तेजस 2500 किलो तेल लेकर उड़ सकता है, तो थंडर 2300 तेल लेकर उड़ सकती है। इसके अलावा तेजस हवा में ही तेल भरवा सकता है, जब कि थंडर के साथ ऐसा नही है। तेजस 460 मीटर चलने के बाद ही उड़ान भर सकता है, जब कि थंडर 600 मीटर चलने के बाद उड़ान भरता है।