TCS का पिछली तिमाही का मुनाफा रहा,अनुमान से कम

मुंबई : भारत की सबसे बड़ी साफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के वित्तीय वर्ष 2014 - 15 की पहली तिमाही के अपने कामकाज के जो आंकड़े घोषित किये है वे बाजार की अपेक्षाओं से कमजोर रहे | कंपनी द्वारा 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में अपने एकीकृत शुद्ध लाभ में केवल 2.08 प्रतिशत की ही वृद्धि ही हुई है | इस अवधि में TCS को कुल शुद्ध लाभ 5,684 करोड़ रुपये का हुआ | 

कंपनी के मुनाफे में इस कम वृद्धि का मुख्य कारण जापानी एवं लेटिन अमेरिकी बाजारों में आर्थिक हालत की मुश्किलें रही | कंपनी का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) जरूर बाजार के अनुमान से कम रहा; लेकिन, इसी दौरान कंपनी की कुल एकीकृत आय भारतीय गैप लेखा मानकों के अनुसार 25,668 करोड़ रुपये रही; जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 16.08 प्रतिशत अधिक है | साथ ही यह जनवरी से मार्च 2015 की पिछली तिमाही की तुलना में 6 प्रतिशत ज्यादा है |

उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की आय 22,111 करोड़ रुपये रही थी | IFRS  प्रणाली की गणना अनुसार कंपनी की आय तिमाही दर तिमाही आधार पर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 4.03 अरब डालर हो गई, यह भी बाजार विशेषज्ञों के चार प्रतिशत बढ़ोतरी के अनुमान से थोड़ी कम है |

कारण: जापान, लेटिन अमेरिका के बाजार और डिलिजेंटा की समस्याएं 

इस सन्दर्भ में गौरतलब है कि टाटा समूह की इस कंपनी को इस दौरान, जापानी और लेटिन अमेरिकी बाजारों में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा | इसके आलावा ब्रिटेन की कंपनी डिलिजेंटा का अधिग्रहण हो जाने के कारण भी कंपनी की आय में ढ़ाई करोड़ डालर की कमी हुई | कंपनी के तिमाही नतीजों के बारे में टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एन. चन्द्रशेखरन ने कहा कि यदि यह कमी न हुई होती तो कारोबार में वृद्धि बाजार के चार फीसदी के अनुमान को छू गई होती | चन्द्रशेखरन ने यह भी बताया कि डिलिजेंटा का कामकाज पूरी तरह सामान्य होने में कुछ और तिमाहियां लगेंगी | इसके आलावा कंपनी की जापान मेंअपने लोकल पार्टनर मित्सुबिशी के साथ एकीकरण की प्रक्रिया चल रही है जिसमें समय लग रहा है |

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