क्या योगी सरकार के बुलडोज़र पर लगेगा ब्रेक ? 29 जून को सुप्रीम सुनवाई

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा दाखिल की गई याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 29 जून तक के लिए स्थगित कर दिया है। याचिका में आवश्यक प्रक्रिया के बिना विध्वंस की कार्रवाई को रोकने के आदेश जारी करने की मांग की गई थी। इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत की ओर से आदेश मिलने के बाद राज्य सरकार ने हलफनामा दायर किया था। 

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार और न्यायमूर्ति सुधांशू धूलिया की पीठ ने सुनवाई की। मामले पर अगली सुनवाई 29 जून, बुधवार को होगी। वहीं, राज्य सरकार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में विध्वंस की कार्रवाई और दंगों के बीच संबंध की बात से साफ इनकार किया गया है। सरकार ने कहा है कि नियमों के उल्लंघन के कारण ये कार्रवाई की गई थी औऱ कानून की प्रक्रिया का पालन किया गया था। 16 जून को भी सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई हुई थी। उस दौरान याचिका में इल्जाम लगाया गया था कि सरकार एक विशेष समुदाय (मुस्लिमों को) को टार्गेट कर रही है। साथ ही याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाए थे कि बुलडोज़र की कार्रवाई से पहले उन्हें कोई भी नोटिस नहीं दिया गया था।

बता दें कि 22 जून को हुई सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने कहा था कि अलग-अलग कानून के आधार पर कार्रवाई हुई है। साथ ही राज्य सरकार ने याचिकाकर्ताओं पर प्रयागराज के जावेद मोहम्मद सहित कार्रवाई के मामलों को चुनने के इल्जाम लगाए थे। सरकार ने कहा था कि कथित अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई दंगों के बहुत पहले शुरू हो गई थी। 

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