आरक्षण के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष ने दी अपनी राय

अहमदाबाद : आरक्षण के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अपनी राय दी है। उन्होने कहा कि संविधान का निर्माण करने वाले बाबा साहेब अंबेडकर ने 10 सालों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी। तब उन्होने स्वंय स्वीकारा था कि इन सालों में पिछड़ों को बराबरी का दर्जा मिल जाएगा, लेकिन आजादी के 65 साल बाद भी पिछड़ों की हालत जस की तस ही है।

महाजन ने कहा कि हर 10 वर्ष में जब आरक्षण की बढ़ाने का प्रस्ताव संसद में आता है, तो सभी दलों के नेता इसके समर्थन में एकजुट हो जाते है। लोकसभा अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चर्चा व संवाद जरूरी है। वैचारिक असहमति होने के बावजूद लोकसभा व विधानसभाओं में सदस्यों के बीच विचार विमर्श होगा तभी जनता की समस्याओं का हल होगा।

महाजन ने कहा कि राज्य सरकारें अब विधानसभाओं के सत्र की अवधि पर मनमानी नहीं कर सकेंगी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की मौजूदगी में आयोजित देश भर की विधानसभाओं के अध्यक्षों व सचिवों के सम्मेलन में सत्र की अवधि पर प्रस्ताव पारित किया गया है। इस बैठक में 29 राज्यों के सचिवों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में 26 राज्यों के उपाध्यक्ष भी थे।

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