सुबह शाम तेरा साथ होता

क आरजू है बस अब इस दिल की 
काश कि तेरे घर मे भी मेरा घर होता 
खोलती जब आंखे रोज सुबह अपनी 
तेरा चेहरा हर सुबह मेरी नजर मे होता 
जरुरत है मुझे हर पल चाहत की तेरी 
कि तेरा साथ मेरे कदम दर कदम होता 
सह जाती मै तेरे हर गम हंसते हंसते 
जो तेरा साथ हर पल मेरे सनम होता 
कर लेती संग गुजारा सब हालातो मे 
मेरे साथ जो सुबह शाम तेरा साथ होता 
न फिकर कोई होती अपनी जिदंगी की 
जो साथ जीवन भर का सदा संग होता ।

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