सिंहस्थ कुंभ: धार्मिकता और अध्यात्म का मेला

भारत के धार्मिकता के चलते बहुत से पर्व मनाये जाते है. इन्हीं पर्वों में से एक महा पर्व सिंहस्थ कुंभ मेला जो मध्यप्रदेश की पवित्र नगरी उज्जैन में आने वाले सत्र 2016 में आयोजित होगा. इस महापर्व में धार्मिका व् अध्यात्म से जुड़े अनेकों दृश्य आपको देखने को मिलेगें इस विशाल पर्व में बहुत से बड़े बड़े सम्प्रदायों के संत उपस्थित होंगे जिनका दर्शन कर भक्त जान हर्षित हो उठेगें.

यह पर्व मानव को अध्यात्म और धर्म-कर्म से जोड़ता है. जिससे मानव को इस जगत से मुक्ति का पथ प्रदर्शित होता है. उसके मन में सद विचारों का समावेश होता हैं मन में एकाग्रता व सुख शांति की अनुभूति होती है बताया जा रहा है इस पर के चलते धर्म कर्म और सत संग का ज्ञान अर्जित करानें बड़े बड़े संतों की समाज यहां उपस्थित होगी.

इसी श्रृंखला में हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में कांची कामकोटि के शंकराचार्य, स्वामी जयेंद्र सरस्वती, आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि जैसी हस्तियां सम्मिलित हो रही हैं। इस विशाल कुंभ में इन महान विभूतियों के द्वारा न्याय, ज्ञान एवं आध्यात्म, सामाजिक सेवा तथा मानव गौरव जैसे बिंदु पर शास्त्रार्थ और उपयोगिता पर चिंतन-मनन करेंगे। बताया जा रहा है की मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धर्म और ज्ञान के इन महानुभावों का स्वागत करेंगे।

इस कुंभ मेला में मानव कल्याण के लिए धर्म और अध्यात्म से सम्बंधित ज्ञान संतों के द्वारा दिया jaayega इस परिसंवाद में तीनों दिन सुबह 9 बजे से मुख्य सत्र के साथ-साथ छह अलग-अलग सत्र रखे गए हैं। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हर एक सत्र को इस तरह संयोजित किया गया है कि विश्व के हर प्रमुख धर्म के धर्मगुरु, शिक्षाविद और विद्वान सत्रों में विषयवार अपने धर्म, विचार और ज्ञान लोगों को बता सकें। सत्रों में बौद्ध, जैन, इस्लाम, बहाई, वैदिक परंपरा, यहूदी, ईसाई एवं विभिन्न मान्यताओं के प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे।

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