सिंगापुर में समलैंगिक विवाह पर मचा बवाल

दुनिया के सबसे आधुनिक देशो में सिंगापुर का नाम शुमार है, मगर समलैंगिकता की ओर रुख को यहाँ अभी भी टैबू ही माना जाता है. सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियन लूंग ने कहा है कि देश अभी भी समान लिंग विवाह के लिए तैयार नहीं है. स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2015 में फैथ और ब्राइस वोल्टा ने बतौर पुरुष और महिला शादी की. अखबार ने बताया कि उसके बाद पति फैथ ने यौन परिवर्तन सर्जरी करा ली और उसके बाद उसने अपने राष्ट्रीय पहचान पत्र में बदलाव कर उसमें लिंग के आगे महिला लिखवाया.

छह महीने बाद सरकार के विवाह रजिस्ट्रार ने लिंग परिवर्तन पर चर्चा करने के लिए युगल से मुलाकात की और बाद में उन्हें सूचित किया कि उनकी शादी को रद्द कर दिया जाएगा. रजिस्ट्रार के फैसले को चुनौती देने के लिए दंपति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दंपत्ति ने अब उच्च न्यायालय से रजिस्ट्रार द्वारा किए गए फैसले की समीक्षा करने की अपील की है. अधिकारियों ने इस फैसले के लिए देश के कानून का हवाला दिया है, जिसके तरह एक महिला और पुरुष शादी के बंधन को कानूनी मान्यता प्राप्त है.

सिंगापुर ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के संबंध में कानून बना रखा है जिसके तहत पुरुषों के बीच यौन संबंध एक आपराधिक कृत्य होता है. हालांकि यह कानून को सक्रिय रूप से लागू नहीं करता है. हालांकि इस बीच युवा पीढ़ी के खुले विचारे और बड़े प्रवासी समुदाय के कारण समलैंगिक अधिकारों की ओर लोगों का समर्थन बढ़ रहा है. दुनिया के अन्य हिस्सों में भी इस हेतु रह रह कर मांग उठ रही है, वही कई देशो में इसे कानूनन वैधता भी मिल गई है. 

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