भक्ति करते समय रखे अपने स्वस्थ का ख्याल

एक चौकाने वाली बात सामने आई है, आपको जानकर हैरानी होगी कि सुगंधित अगरबत्तियों और धूप बत्तियों से निकलने वाला धुंआ शरीर की कोशिकाओं के लिए सिगरेट के धुएं से कई गुना अधिक जहरीला होता है। एक शोध में पाया गया कि अगरबत्ती से निकलने वाला धुआं सिगरेट के धुएं की तरह है। अगरबत्ती का धुआं कोशिकाओं में जेनेटिक म्‍यूटेशन करता है। इससे कोशिकाओं के DNA में चेंज आने लगता है, जिससे कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

शोधकर्ताओं द्वारा निकाले गए नतीजों के आधार पर फेफड़ों की बीमारी से परेशान व्यक्तिओ के लिए यह अच्‍छा होगा कि वह अगरबत्ती और धूप के धुंए से दूर रहे। अगरबत्ती और धूपबत्ती का धुँआ फेफड़ों के कैंसर, ब्रेन ट्यूमर और बच्‍चों के ल्‍यूकेमिया के विकास का कारण बन रहा है। ब्रिटिश लंग फाउंडेशन के मेडिकल एडवाइजर डॉक्‍टर निक रॉबिन्‍सन ने शोध के नतीजों के बारे में कहा कि धूपबत्ती के धुएं सहित कई प्रकार के धुएं जहरीले हो सकते हैं।

यह शोध छोटे पैमाने पर चूहों पर किया गया। ऐसे में अगरबत्ती से निकलने वाले धुएं का स्‍वास्‍थ्‍य पर किसी प्रकार का प्रभाव होता है इसका कोई ठोस निष्‍कर्ष नहीं दिया जा सकता। शोधकर्ताओं ने बताया कि अगरबत्ती के धुएं में अल्‍ट्राफाइन और फाइन पार्टिकल्‍स मौजूद थे। ये सांस के साथ आसानी से शरीर में पहुंच जाते हैं और स्‍वास्‍थ्‍य पर गहरा प्रभाव डालते हैं।

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