आर्थिक रूप से पिछड़ों को भी मिलेगा 14 प्रतिशत आरक्षण

Sep 23 2015 11:55 AM
आर्थिक रूप से पिछड़ों को भी मिलेगा 14 प्रतिशत आरक्षण

जयपुर : अब राजस्थान में सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों को भी शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 14 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा. मंगलवार को राजस्थान विधानसभा ने राज्य में आर्थिक पिछड़ा वर्ग और विशेष पिछड़ा वर्ग विधेयक-2015 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है. गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि राजस्थान राज्य में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों द्वारा आरक्षण के प्रावधान का लाभ उठाकर अपने आप को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में काफी हद तक सफलता मिली है, लेकिन इससे अनारक्षित जातियों का आर्थिक रूप से वंचित वर्ग बहुत पिछड़ गया और हम इस विधेयक के जरिए उनका विकास करना चाहता है. 

कटारिया ने कहा कि अपनी रिपोर्ट में ऐसे परिवारों जिसमें आय के सभी स्रोतों से परिवार की वार्षि‍क आय एक लाख 50 हजार से कम हो, उनको पिछड़ा वर्ग में मानने का अंतरिम सुझाव दिया गया है. उन्होंने बताया कि आयोग ने अपनी सिफारिशों में इन वर्गों को लोक सेवाओं एवं शैक्षणिक संस्थाओं में 12-15 प्रतिशत आरक्षण देने की भी सिफारिश की है . इसके अतिरिक्त इन वर्गों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, आवासन और रोजगार के क्षेत्र में एक विशेष पैकेज दिए जाने का भी सुझाव दिया गया है.

गृहमंत्री ने कहा कि इस विधेयक में बंजारा, बालदिया, लबाना, गाडिया लोहार, गाडोलिया, गूजर, गुर्जर, राईका, रैबारी, देबासी, गडरिया, गाडरी और गायरी को विशेष पिछड़ा वर्ग मानते हुए राज्य की शैक्षिक संस्थाओं में प्रवेश एवं राज्य के अधीन सेवाओं में भर्ती में 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जा रहा है.