सिंहस्थ 2016 - टली नहीं आपदा अभी और हो सकती है बारिश

इंदौर : सिंहस्थ 2016 में अभी कुछ समय पूर्व ही तेज बारिश और आंधी से आपदा आ गई थी। ऐसे में 7 लोगों को अपनी जान गंवानी पडी  थी जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए थे। हालांकि अब धूप खिल रही है और प्रशासन ने फिर से आयोजन के पांडालों का दुरूस्त करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है लेकिन आपदा की चेतावनी अभी भी दी जा रही है। मौसम विभाग ने सिंहस्थ के दौरान तेज बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी दी है। इस मामले में मौसम विभाग का कहना है कि अभी भी उज्जैन में आंधी और तूफान की आशंका बनी हुई है।

इस मामले में मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के निदेशक अनुपम कश्यपी ने कहा है कि मौसम में बदलाव आने और आंधी व तूफान की तीव्रता कुछ कम जरूर हो सकती है। उनका कहना था कि उन्होंने प्रशासन को सलाह दी है कि 12 मई तक 3 बजे बाद पांडालों को छोड़कर मजबूत निर्माण वाले स्थान पर लोग चले जाऐं। शाम 7 बे तक लोग पांडालों में रहना डाल दें। दरअसल जो तंत्र बन रहा है वह दोपहर 3 बजे बाद सक्रिय होता है। आपदा को लेकर मौसम विभाग भी सजग हो गया है। वह प्रति दो घंटे में प्रशासन को इनपुट प्रदान कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि श्री मोहनखेड़ा जैन तीर्थ के और राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य ऋषभचंद्र विजय मसा ने पहले ही चेताया था कि सिंहस्थ में शुक्र ग्रह के अस्त होने ओर अन्य ग्रह गोेेेेेेचरों के कारण आपदा आ सकती है। उन्होंने कहा है कि शुक्र ग्रह उज्जैन का राशि स्वामी है। मगर यह अस्त हो गया है। दूसरी ओर 5 मई से प्रदेश की कुंडली में दशाओं का विषयोग रहने से प्रदेश में प्राकृतिक आपदाऐं आ सकती हैं।

5 मई को आए तूफान और बारिश से प्रभावित उत्तराखंड के सांसद भगत सिंह कोश्यारीने कहा कि वे अपने 38 साथियों के साथ गढ़कालिका मंदिर के समीप थे। इसी दौरान तेज हवा आई और बारिश हो गई। ऐसे में पांडाल गिर गया। किसी ने मुझे, टांग खींचकर बाहर निकाला । कई लोग घायल हो गए। 

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