हंगामा करने पर निलंबित हुईं तो सांसद प्रियंका बोलीं- ये लोकतंत्र की हत्या

नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन से निलंबित किए जाने पर शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि उन्हें आरोपों पर सफाई देने का अवसर भी नहीं दिया गया और निलंबित कर दिया गया. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वह सरकार को चुनौती देती हैं कि वे ये साबित करें कि क्या राज्यसभा की तरफ से उन्हें एक भी फोन किया गया है. यह लोकतंत्र की हत्या है जिस पर आप इल्जाम लगा रहे हैं, उन्हें सफाई का अवसर नहीं दे रहे हैं. 

बता दें कि राज्यसभा में मॉनसून सत्र के दौरान हंगामा करने के आरोप में 12 सासदों को उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया है. इन सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड किया गया है, अब ये 12 सांसद पूरे शीतकालीन सत्र में सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. इन सांसदों में प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल हैं. इस कार्रवाई पर प्रियंका चतुर्वेदी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि जिस पर आरोप लगाया गया, उन्हें सफाई देने का मौका नहीं दिया गया, न ही राज्यसभा द्वारा कॉल किया किया. प्रियंका चतुवर्वेदी ने कहा कि वे इस मसले पर राज्यसभा अध्यक्ष से बात करेंगी.

वहीं, कांग्रेस की निलंबित सांसद छाया वर्मा ने कहा कि उस दिन प्रताप बाजवा और संजय सिंह जो कि टेबल पर चढ़े हुए थे, उन पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया. बता दें कि जिन सांसदों को निलंबित किया गया है, उनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के सांसद शामिल हैं. सांसदों पर ये एक्शन 11 अगस्त को राज्यसभा में हंगामा करने के मामले में लिया गया है. 

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