प्रदोष व्रत के दिन जरूर करें शिव के इन मन्त्रों का जाप

आने वाले 2 दिसंबर को प्रदोष व्रत है। कहा जाता है इस दिन देवों के देव महादेव की पूजा करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से वह प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामना को पूरा करते हैं। वहीं शास्त्रों के अनुसार यथाशीघ्र मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु हर सोमवार के दिन भक्तिभाव से शिवजी की पूजा करनी चाहिए। इसी के साथ प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि पर भी भक्त अपनी भक्ति से शिवजी को प्रसन्न कर सकते हैं। कहा जाता है साधक फल, फूल, जल, अक्षत, भांग, धतूरा, बिल्व पत्र आदि भेंटकर शिवजी को प्रसन्न कर सकते हैं। इसी के साथ कुछ मन्त्र है जिनके जाप से भक्त शिव जी को खुश कर सकते हैं। आज हम आपको उन्ही मंत्री को बताने जा रहे हैं।


भगवान शिव पंचाक्षर मंत्र- ॐ नमः शिवाय।
 कहा जाता है इस मंत्र के एक स्फटिक माला जाप से व्यक्ति का तन-मन शुद्ध हो जाता है। इसके अलावा व्यक्ति पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है। कहते हैं शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।

भगवान शिव गायत्री मंत्र- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
कहते हैं इस मंत्र के जाप से व्यक्ति का कल्याण होता है। इसी के साथ व्यक्ति रोजाना इस मंत्र का जाप कर सकता है। कहते हैं प्रदोष व्रत के दिन इस मंत्र का जाप करने से अक्षय फल प्राप्त होता है। 

रुद्र गायत्री मंत्र:- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।

कहते हैं इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।


महामृत्युंजय मंत्र- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से कृपाचार्य ने मृत्यु को भी जीत लिया है। ऐसे में यह मंत्र बहुत प्रभावकारी है। सबसे खासकर दुःख , संकट और घातक बीमारी के समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

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