अफ्रीकी देशों की यात्रा से लौटते ही PM मोदी ने कश्मीर मसले पर की अधिकारियों के साथ बैठक

Jul 12 2016 11:41 AM

नई दिल्ली : हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर में छिड़ी हिंसा अब तक शांत नहीं हुई है। अब तक हिंसा में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। पीएम ने भी आज स्वेदश लौटते ही जम्मू-कश्मीर के हालात की समीक्षा की। अपनी 5 दिवसीय अफ्रीकी देशों की यात्रा समाप्त कर भारत लौटे पीएम ने आज सुबह 10 बजे अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल है। इससे पहले सोमवार को गृह मंत्री ने पर्रिकर, जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर कश्मीर की स्थिति का जायजा लिया था।

बता दें कि डोभाल भी पीएम के साथ अफ्रीकी देशों की यात्रा पर गए थे, लेकिन हालात को बेकाबू होता देख वो एक दिन पहले ही वापस लौट आए। राजनाथ सिंह ने भी अपनी यूएस यात्रा को रद्द कर दिया। सिंह 17 से 22 जुलाई तक अमेरिका यात्रा पर जाने वाले थे। जम्मू के चार जिलों- अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा में पूरी तरह से कर्फ्यू लगा दी गई है।

साथ ही श्रीनगर के 8 थाना क्षेत्र में भी कर्फ्यू लगा हुआ है। दक्षिणी कश्मीर में भी कर्फ्यू जैसे हालात है। इसके अलावा बारामुला, सोपोर, कुपवाडा, खानियार, नौहट्टा, रैनावरी, क्रालकुर्द, सफाकदल, मैसिमा, नूरबाग, हब्बाकदल, महाराजगंज में तनाव है। हालात को देखते हुए शिवेसना ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर सवाल दागे है।

अपने मुखपत्र सामना के जरिए शिवसेना ने पूछा है कि बुरहान की मौत पर महबूबा की भूमिका क्या है ? इसके साथ ही शिवसेना ने यह भी कह दिया है कि कहीं महबूबा को घाटी की कमान सौंप कर बीजेपी ने गलती तो नहीं की है। बुरहान को कश्मीर का नेता बताते हुए पाकिस्तान भी आंसू बहा रहा है। इस पर बरसते हुए मोदी ने कहा कि जो लोग आतंकियों को पनाह दे रहे है, उनकी निंदा होनी चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा है कि सरकार के हर कदम पर साथ देंगे। इस मामले में यह बयान आने के बाद सरकार की ताकत और बढ़ गई है।