आटो इंडस्ट्री मे लौटी खुशी की लहर, PM मोदी का मिला स्पोर्ट

आटो इंडस्ट्री मे लौटी खुशी की लहर, PM मोदी का मिला स्पोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दिया है कि आंतरिक दहन इंजन (ICE) आधारित ऑटोमोबाइल साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और कम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरर्स को घबराने की जरूरत नहीं है. पीएम मोदी ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि उन्हें भरोसा है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और ऑटो डिमांड में जोरदार उछाल आएगा और जल्द ही मांग को बढ़ावा देने के लिए संभावित प्रोत्साहन पैकेज का संकेत मिलेगा, जो अगले महीने से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन से पहले होगा.

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इन दिनों ऑटो इंडस्ट्री की धीमी मांग की वजह से प्रोडक्शन में कटौती कर रही है और इसमें मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. इसके अलावा Bosch जैसे बड़ी कम्पोनेंट्स निर्माता कंपनी भी इंडस्ट्री में मंदी के चलते उत्पादन में कटौती करने के लिए मजबूर हैं.पीएम मोदी ने कहा है कि वित्त मंत्रालयन ने इस संबंध में ऑटो इंडस्ट्री के साथ रचनात्मक बातचीत की है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट राजन वाधेरा भी पीएम मोदी के इस फैसले से खुश हैं और उन्होंने कहा, "पीएम मोदी द्वारा दिए गए आंतरिक दहन इंजन (ICE) आधारित ऑटोमोबाइल साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और कम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरर्स को आश्वासन का उन्होंने स्वागत किया है."

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अपने बयान में वाधेरा ने आगे कहा, "यह पूरी तरह सियाम के की सिफारिशों के अनुरूप है कि सभी प्रासंगिक टेक्नोलॉजी को टिकाऊ गतिशीलता की दिशा में हमारी यात्रा के सह-अस्तित्व में होना चाहिए, और इसलिए सभी भविष्यवादी टेक्नोलॉजी के लिए एक लॉन्ग-टर्म रोडमैप के लिए कॉल लेनी चाहिए, जिससे इंडस्ट्री को उभरने के लिए आत्मविश्वास पैदा होगी."ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के डायरेक्टर जनरल विन्नी मेहता ने भी पीएम के इस फैसले का स्वागत किया और कहा, "पीएम के इस आश्वासन से पीडित ऑटोमोबाइल और कंपोनेंट्स निर्माताओं को खुशी मिली है."

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इसके अलावा उन्होंने कहा कि "घबराहट हो रही थी कि सरकार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रही है, जबकि उन्होंने दोपहिया वाहनों के लिए 2023 और तिपहिया वाहनों के लिए 2025 तक का समय निर्धारित किया था. कार कंपनियों ने एक बड़ा निवेश किया था और दोपहिया वाहनों का बाजार एक साल में 25 मिलियन यूनिट था और लाखों नौकरियां दांव पर लगी हुई थीं. अकेले ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं ने गावों में 5 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार दिया है और यहां तक कि गावों में भी सभी लोग दिखाई देते हैं."पीएम मोदी के मुताबिक आंतरिक दहन इंजन (ICE) आधारित ऑटोमोबाइल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक भारत एक बड़ा पर्याप्त और बड़ा प्याप्त पॉलिसी स्पेस है. इसलिए दोनों में से किसी के विकास के बारे में अटकलें लगाने की कोई जरूरत नहीं है और इस समय हम एक ऐसी अनोखी स्थिति में हैं जहां ICE और EV दोनों ऑटोमोबाइल एक दूसरे से सह-अस्तित्व, सह-निर्माण और सीख सकते हैं.

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इस मामले में TVS मोटर के चेयरमैन Venu Srinivasan ने कहा, "प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में स्पष्टीकरण किया गया कि ICE और इलेक्ट्रिक वाहनों दोन को ही प्रोत्साहित किया जाएगा जो कि मोटर वाहन क्षेत्र में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए एक मजबूत कदम है. यह देश भर में कम्पोनेंट्स निर्माताओं से लेकर OEMs, डीलरों, मैकेनिकों और संबद्ध लोगों तक आपूर्ति श्रृंखला में लाखों लोगों को आश्वस्त करेगा. एक प्रौद्योगिकी अज्ञेयवादी दृष्टिकोण जो सभी विकल्पों को प्रोत्साहित करता है, भारत जैसे विकासशील देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो अपनी अधिकांश शक्ति के लिए जीवाश्म आधारित स्रोतों पर निर्भर है. बढ़ती लिक्विडिटी की ओर घोषित कुछ अन्य उपायों के साथ यह स्पष्टीकरण साफ है कि भारत दुनिया के अग्रणी निवेश स्थलों में से एक बना रहे. यह भारतीय कंपनियों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने में भी मदद करेगा. यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्रियों के दूरदर्शी मेक इन इंडिया कार्यक्रम को और मजबूती प्रदान करेगा."

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