पकिस्तान में हिन्दू विवाह का नया कानून पारित

Feb 16 2016 08:30 AM
पकिस्तान में हिन्दू विवाह का नया कानून पारित

इस्लामाबाद : हाल ही में पाकिस्तान में हिन्दू समुदाय के विवाह कानून को लेकर एक नई सौगात मिली है हिंदुओं को अपना अलग विवाह क़ानून ना होने की वजह से जिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उसके निदान के लिए सिंध प्रांत की असेम्बली ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। जिसके अंतर्गत सिंध असेम्बली ने हिंदू विवाह बिल को पास कर दिया है। इस फैसले से  पाकिस्तान में सिंध ऐसा पहला प्रांत बन गया जहां अब अल्पसंख्यक समुदाय को अपनी शादियों को रजिस्ट्रेर कराने की अनुमति मिलेगी। संसदीय कार्य मंत्री निसार खुहरो ने बताया कि ये पूरे सिंध प्रांत में लागू होगा जहां हिंदुओं की बड़ी आबादी है।

साथ ही यह पाकिस्तान के गठन के बाद से ये पहली बार है कि इस तरह का बिल पास हुआ है। इससे हिंदू शादियों का औपचारिक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। साथ ही जमीन या जायदाद के बटवारे में भी जो परेशानिया आ रही थी वह अब उस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योकि विवाह कानून न होने की बजह से विवाह प्रमाण पत्र, पहचान पत्र हासिल करने में बहुत सी दिक्कतो का सामना करना पड़ता था।  

हालाकि इस विधेयक से उस प्रावधान को अलग करने की मांग की है जिसके अंतर्गत पति-पत्नी में से किसी एक के भी धर्म परिवर्तन करने पर शादी स्थगित हो जाएगी इस संबंध में पाकिस्तान हिंदू परिषद के प्रमुख संरक्षक रमेश वांकवाणी ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय इस उपबंध को लेकर चिंतित है।जब हिन्दू लडकियों का अपहरण होता है तो उसके बाद उनके धर्मान्तरण या किसी मुसलमान से शादी के प्रमाण मिलते है इस विवाद को ख़त्म करने के संबंध में कानून एवं न्याय पर स्थायी समिति की अध्यक्ष नसरीन जलील ने कहा कि उन्होंने इस हफ्ते हिंदू समुदाय की चिंताओं पर चर्चा करने के लिए समिति की एक बैठक बुलाई है ताकि जल्द ही इस समस्या का हल निकाला जा सके।