गणतंत्र दिवस समारोह ब्लास्ट दोषी पाक आतंकी गुलाम नबी को उम्रकैद

Oct 01 2015 05:43 AM
गणतंत्र दिवस समारोह ब्लास्ट दोषी पाक आतंकी गुलाम नबी को उम्रकैद

नई दिल्ली: 20 साल पहले जम्मू में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान हुए धमाके में दोषी करार दिए गए पाकिस्तानी नागरिक एवं हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी गुलाम नबी को सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दे इस हादसे में 8 लोगो की मौत हुई थी। न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित ने पाकिस्तान के निवासी 76 साल के गुलाम नबी को टाडा की धारा-3 और 4, हत्या और आपराधिक षडयंत्र में दोषी ठहराए गए गुलाम नबी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

विगत 1 जुलाई के आदेश के तहत बुधवार को गुलाम नबी को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। बुधवार को हुई संक्षिप्त सुनवाई के दौरान अमाइकस क्यूरी दुष्यंत पराशर ने नबी की उम्र और बीमारियों का हवाला देते हुए रियायत बरतने की गुहार की। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से नबी जेल में बंद है। वहीं CBI ने अदालत से गुहार की कि नबी को 3 अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है, लिहाजा तीनों के लिए अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई जाए। साथ ही सजा एक के बाद एक चलाई जाए क्योंकि 14 वर्षों तक जेल में रहने के बाद सरकार को कैदी को रिहा करने का अधिकार है।

हालांकि पीठ ने CBI की इस दलील को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने गुलाम नबी को छोड़ दिया था लेकिन हमने इस आदेश को पलट दिया। पीठ ने कहा कि इकबालिया बयान के अलावा गुलाम नबी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। वर्ष 2009 में टाडा कोर्ट ने गुलाम नबी को रिहा कर दिया था लेकिन 1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया था। वर्ष 1995 में जम्मू के मौलाना आजाद मेमोरियल स्टेडियम में चल रहे गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान 3 बम धमाके हुए।

बता दे की घटना के समय स्टेडियम में 40 हजार से अधिक लोग मौजूद थे। इन धमाको में तत्कालीन गर्वनर केवी कृष्णाराव बाल-बाल बच गए थे। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट इस मामले के एक अन्य आरोपी वसीम अहमद को रिहा करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था।