GST का 1 साल, डिजाइन, स्ट्रक्चर और रेट से जनता का बुरा हाल : कांग्रेस

GST का 1 साल, डिजाइन, स्ट्रक्चर और रेट से जनता का बुरा हाल : कांग्रेस

नई दिल्ली : आज से ठीक एक साल पहले 30 जून की मध्य रात्रि को केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को लागू किया था. जिसके बाद देश में काफी बवाल भी हुआ था. जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लागू कर दिया गया था. जिसने आज अपना 1 साल पूरा कर लिया हैं. इस पर जहां एक और विपक्ष सरकार पर हमले करने से कतई नहीं चूक रही हैं. वहीं दूसरी ओर भाजपा में इसे लेकर जश्न का माहौल हैं. 

इससे पहले कल केंद्र सरकार ने कहा था कि भारतीय टैक्स सिस्टम में अभूतपूर्व सुधार के एक साल पूरे होने पर जीएसटी यादगार. आज भाजपा जीएसटी दिवस मना रही हैं. जबकि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इस पर सरकार को जमकर घेरा हैं. चिदंबरम का कहना है कि जीएसटी संविधान संशोधन बिल से शुरुआत करें तो इसमें कई खामिया थीं. जीएसटी बिल में मुख्य आर्थिक सलाहकार की सलाह को कई जगहों पर नहीं माना गया. 

जीएसटी के साथ-साथ पी चिदंबरम भाजपा पर नोटबंदी को लेकर भी हमला करने से बाज नही आए. चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने बुरी चीजों को बड़े पैमाने पर (नोटबंदी) और बड़ी चीजों को बुरे तरीके से (जीएसटी) अंजाम दिया. जीएसटी का डिजाइन, स्ट्रक्चर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रेट और इसे लागू करने का तरीका ऐसा था कि बिजनेस करने वाले, ट्रेडर्स और आम लोगों के लिए जीएसटी एक बुरा शब्द बन गया. 

पेट्रोल डीजल GST के दायरे में आने के बाद भी लगेगा अतिरिक्त टैक्स

क्या खोया और क्या पाया जीएसटी के एक साल में

पेट्रोलियम उत्‍पादों को GST के दायरे में लाना आसान नहीं है-वित्‍त सचिव