आज से होगी ओणम की शुरुआत, जाने क्या है इसका महत्व

Aug 24 2018 11:53 AM
आज से होगी ओणम की शुरुआत, जाने क्या है इसका महत्व

देश के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक केरल की खूबसूरती उस समय और ज्यादा बढ़ जाती हैं जब यहां ओणम का पर्व मनाया जाता है. ओणम केरल के महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है. श्रावण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ओणम मनाया जाता है. ये त्यौहार दो दिनों का होता है जिसमें लोग अपने घर को पूरी तरह से सजाते हैं और खाने के भी कई सारे स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं. वैसे तो ओणम का त्यौहार ज्यादातर सितम्बर के महीने में ही मनाया जाता है लेकिन इस बार ये त्यौहार 24 और 25 अगस्त को मनाया जा रहा है.

आपको बता दें 24 अगस्त को उथ्रादम यानी पहला ओणम और 25 अगस्त को थिरूओणम यानी प्रमुख ओणम मनाया जाएगा. ऐसा कहा जाता है कि ओणम के दौरान केरल के महाबली असुर नाम के राजा की पूजा की जाती है. दरअसल ऐसा कहा जाता है कि महाबली ने भगवान विष्णु से अपनी प्रजा से मिलने के लिए साल में एक बार धरती पर आने की अनुमति मांगी थी और भगवान विष्णु ने उन्हें अनुमति दें भी दी थी. इस दौरान महाबली अपनी प्रजा से मिलने धरती पर आते हैं और प्रजा अपने राजा के भव्य स्वागत के लिए जोरों-शोरो से तैयारियां करती हैं.

केरल के लोग अपने घरों के बाहर रंगोली बनाकर सजावट करते है इसके साथ ही इस दौरान स्वादिष्ट पकवान भी बनाते हैं. इस त्यौहार के मौके पर कई सारे कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं जिसमें से सबसे मशहूर है नौका रेस. ओणम के समय खेतों में फसल की उपज के लिए भी जश्न मनाया जाता है. इस त्यौहार की एक और विशेषता ये है कि इसमें लोग मंदिर नहीं बल्कि अपने घर में ही पूजा करते हैं.

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