जानिए कोरोना के इलाज में कौन सी दवाएं है असरदार और किन का नहीं करना है इस्तेमाल?

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचने के लिए कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन तथा वैक्सीन डोज लेना आवश्यक हो गया है. लेकिन यदि आप संक्रमित हो चुके हैं तो जल्दी ठीक होने के लिए सही दवा तथा उपचार के बारे में भी पता होना चाहिए. WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने बीते हफ्ते भी कोरोना के उपचार में दो नई दवाओं की सिफारिश की है. आइए जानते हैं WHO के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में किन दवाओं के साथ कोरोना का उपचार किया जा सकता है तथा किन दवाओं के उपयोग से बचना है.

वही WHO के मुताबिक, कोरोना के उपचार में अब बारिसिटिनिब, रुक्सोलिटिनिब, सोत्रोविमैब, कैसिरिविमैब-इमदेविमैब, टोसिलिजुमैब या सरीलूमैब जैसे ड्रग रोगी को दिए जा सकते हैं. बारिसिटिनिब, टोसिलिजुमैब या सरीलूमैब तथा सिस्टमैटिक कोर्टिकोस्टेरॉयड जैसी दवाओं पर विशेषज्ञ का अधिक जोर है. जबकि रुक्सोलिटिनिब, टोफासिटिनिब, सोत्रोविमैब तथा कैसिरिविमैब-इमदेविमैब वैकल्पिक तौर पर या कुछ खास हालातों में ही मरीज को देने की सिफारिश की गई है. WHO का दावा है कि ये सभी दवाएं संक्रमण से मौत का जोखिम, हॉस्पिटल में तेजी से बढ़ते मामले और वेंटिलेटर पर जाने की संभावनाओं को कम कर सकती हैं. दिशा-निर्देशों में कुछ दवाओं को उपयोग ना करने की भी सिफारिश की गई है. कोरोना की पिछली लहर के चलते कई देशों में इन दवाओं का उपयोग किया गया था.

ये दवाएं ना करें उपयोग:-
WHO ने आइवरमेक्टिन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, लोपिनाविर/रिटोनाविर तथा रेमेडिसिविर जैसी दवाओं का इस्तेमाल ना करने की सिफारिश की है. विशेषज्ञ कहते हैं कि इन दवाओं से हॉस्पिटलाइजेशन तथा मौत का जोखिम कम होने के साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं. इनमें से कुछ दवाओं को क्लीनिकल ट्रायल के लिए भेजे जाने की सिफारिश की गई है. इसके साथ ही कोरोना संक्रमित बच्चों में कैसिरिविमैब-इमदेविमैब दवा का उपयोग किया जा सकता है. 

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