BCCI, ECB और CA को स्थायी पद नहीं : ICC

Feb 05 2016 12:28 PM
BCCI, ECB और CA को स्थायी पद नहीं : ICC

दुबई : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) उस विवादित संवैधानिक संशोधनों को रद्द करने जा रहा है जिसके तहत भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को कई कार्यकारी और वित्तीय अधिकार मिल गए थे. शशांक मनोहर की अगुवाई वाले बोर्ड ने सत्ता के मौजूदा ढांचे में बदलाव का सुझाव दिया. मनोहर के ICC अध्यक्ष बनने के बाद इस साल की पहली बैठक में ICC बोर्ड ने स्वीकार किया कि पूर्व प्रमुख एन श्रीनिवासन की पहल पर अस्तित्व में आई मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की जरूरत है.

ICC ने एक बयान में कहा कि ‘बोर्ड ने सर्वसम्मति से पूर्ण परिषद के सामने यह प्रस्ताव रखने पर रजामंदी जताई जून 2016 से 2 साल के लिए नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. इसके लिए ICC की स्वतंत्र ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष की निगरानी में गुप्त मतदान की प्रक्रिया होगी.’ कहा गया कि ICC अध्यक्ष किसी सदस्य बोर्ड में कोई पद नहीं ले सकेगा और कार्यकाल खत्म होने के बाद फिर चुना जा सकता है लेकिन अधिकतम कार्यकाल तीन बार का होगा.

‘चुनाव लड़ने के लिए सभी उम्मीदवारों को ICC बोर्ड का मौजूदा या पूर्व निदेशक होने के अलावा कम से कम 2 पूर्णकालिक निदेशकों का समर्थन जुटाना होगा.’ ICC ने 2014 में श्रीनिवासन द्वारा किए गए संवैधानिक बदलावों की पूर्ण समीक्षा का सुझाव दिया जिसमें सारे अधिकार ‘बिग थ्री’ के पास चले गए थे. 

बयान में कहा गया, ‘बोर्ड ने वित्त और व्यावसायिक मामलों की समिति और कार्यकारी समिति के नियम और शर्तों में भी बदलाव को मंजूरी दी ताकि BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड तथा वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों को स्थायी पदों से हटाकर सभी पूर्ण और सहायक निदेशकों को सदस्यता पाने की पात्रता दी जा सके. इसका एकमात्र मानदंड संबंधित निदेशक की दक्षता, योग्यता और अनुभव होगा.

आईसीसी ने कहा, ‘बोर्ड ने 2014 में किए गए संवैधानिक बदलावों की संपूर्ण समीक्षा पर मंजूरी जताई. आईसीसी बोर्ड ने निर्देश दिया है कि आईसीसी के संविधान की समीक्षा की जाएगी और सभी सदस्यों को अगले कुछ सप्ताह में आईसीसी प्रबंधन पर फीडबैक देने के लिए कहा गया है.’ मनोहर ने कहा कि ये सुझाव आईसीसी को और पारदर्शी बनाने के लिए दिए गए हैं.