सब्जियों से मिलने वाली बीमारी है न्यूरोसिस्ट सरकोसिस

सब्जियों से मिलने वाली बीमारी है न्यूरोसिस्ट सरकोसिस

हरी सब्जियां विटामिन, प्रोटीन और मिनरल से भरपूर होती हैं। यह शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करती हैं।सब्जियों को अच्छे से धोकर इस्तेमाल न करने पर न्यूरोसिस्ट सरकोसिस एक प्रकार की मिर्गी नामक बीमारी हो सकती है। और इसका सही और समय पर इलाज नहीं होने पर जान को जोखिम भी हो सकता है। हरी सब्जियां जब भी लें तो ये सुनिश्चित करें कि सब्जियां साफ-सुथरी हों, पत्तों में कीड़े न लगे हों। साथ ही साफ पानी से अच्छी तरह धोकर इन्हें इस्तेमाल करें और कोशिश करें कि इन्हें हमेशा पकाकर ही खाएं।

सब्जियों को सही से ना धोया जाएं तो ये आपकी सेहत को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाती हैं। हरी सब्जियों से होने वाली न्यूरोसिस्ट सरकोसिस बीमारी के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार टीनिया सोलियम नामक जीव है जो सुअर की बीट में पाया जाता है। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें देख पाना भी संभव नहीं होता है। सुअर की बीट वाली खाद का इस्तेमाल न भी करें तो सब्जियों वाली जगह इतनी गंदी होती है कि सुअर वहां आसानी से पहुंच जाते हैं और बीट कर देते हैं। बीट के साथ घातक परजीवी भी सब्जियों में प्रवेश कर जाते हैं।

टीनिया सोलियम जीव हरी सब्जियों में अंडे देते हैं। ये हर हाल में अपना लाइफ साइकिल पूरा करते हैं। ऐसे में जो लोग सब्जियों अच्छे से धोकर नहीं खाते हैं, उनके निवाले का हिस्सा बनते इन परजीवियों को देर नहीं लगती। इंसान के शरीर में प्रवेश कर ये अंडे देते हैं और अंदर ही अंदर इनकी तादात इतनी हो जाती है कि खून के सहारे शरीर के हर हिस्से में पहुंच जाते हैं। ये परजीवी दिमाग की नसों में पहुंचकर तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर डालते है जिससे मिर्गी के झटके आने लगते हैं। सबसे ज्यादा इस बीमारी से बच्चे प्रभावित होते हैं।

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