एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है यह मन्दिर

एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है यह मन्दिर

जोधपुर जिले के ओसियां में सच्चियाय माता का प्राचीन मंदिर है। इस भव्य मंदिर का निर्माण परमार राजपूत राजाओं ने 1177 ईस्वी में करवाया था। मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की मूर्ति महिषासुरमर्दिनी अवतार में है। मंदिर का स्थापत्य नागर शैली का है, जिसमें जाली का खूबसूरत काम किया गया है।

सच्चियाय माता (सचिया माता) की पूजा ओसवाल जैन, कुमावत, राजपूत, परमार, पंवार, चारण तथा पारीक समाज के लोग करते हैं। ओसियां में मिले एक शिलालेख के अनुसार जैन धर्म के एक आचार्य श्रीमद् विजय रत्नाप्रभासुरीजी ने ओसियां की यात्रा की थी। इनके अनुसार ओसियां का पूर्व का नाम उपकेशपुर था और यहां चामुण्डा माता का मंदिर था। इनका मानना था कि चामुण्डा माता का दूसरा नाम सच्चियाय माता ही था।

सच्चियाय माता के मंदिर में मिठाई, नारियल, कुमकुम, केसर, धूप, चंदन, लापसी इत्यादि का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यह एक जन आस्था का केन्द्र है और इसे जोधपुर का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।