सिंहस्थ कुंभ में साधू लगायेगें धूनी, अमरकंटक से आएगी लकड़ी

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में होने जा रहे 2016 सिंहस्थ कुंभ में साधू -संतों को धूनी रमाने के लिए शासन के इस वन विभाग द्वारा अमरकंटक स्थित वन से बहुत ही अच्छे किस्म की जैसे साल प्रजाति की लकड़ी अत्याधिक मात्रा में उपयोग के लिए मँगवाई जाएगी .इसके लिए अभी से प्रक्रिया जारी हो गई है.

साल की लकड़ी इसलिए मंगवाई जा रही है. क्योंकि यह लकड़ी धीरे-धीरे जलती है. और अधिक समय तक जलती रहती है. और इसे जलाने पर धुंआ भी कम मात्रा में निकलता है, इस सिंहस्थ कुंभ में बड़े- बड़े अखाड़ों के साधू -संत आयेगें और यहां उनके अखाड़े लगेगें और वे धूनी रमाएगें उनके इस तप के लिए लकड़ी और कंडों की जरूरत पड़ती है. इसके लिए 2016 में होने जा रहे इस सिंहस्थ में वन विभाग के द्वारा साल प्रजाति की 5 हजार क्विंटल लकड़ियां अमरकंटक से मंगाई जाएंगी .

इसके अलावा वन विभाग ने लगभग 75 हजार क्विंटल जलाऊ लकड़ी की व्यवस्था की है. बताया जा रहा है की यदि तप और तपस्या के लिए, धूनी रमाने के लिए यदि ये साल की लकड़ी कम पड़ती है .तो मंगवाई गई अन्न लकड़ी का भी उपयोग धूनी के लिए किया जा सकता है.इस कुंभ के लिए बड़े जोरों- सोरों से तैयारियां जारी है.शासन विशेष रूप से अपना योगदान दे रही है. और इस मेले की व्यवस्था के साधन जुटा रही है .

अमरकंटक के आने वाली इन लकड़ियों को चार सरकारी डिपो पर साधु-संत प्राप्त कर सकेंगे. सभी साधु-संत लकड़ियां आसानी से ले पाएं इसके लिए मेले के जोन और सेक्टरों में पांच लकड़ी के डिपो और बनाए जाएंगे. सभी अखाड़ों में लगने वाली धूनी के लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ी की व्यवस्था की जाएगी .

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