अब पंचवर्षीय योजना नहीं, पंद्रह वर्षीय योजना बनाई जाएगी

नई दिल्ली : सत्ताधारी मोदी सरकार एक और योजना में बदलाव करने की तैयारी में है। आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु द्वारा शुरु किए गए पंचवर्षीय योजना की जगह मोदी सरकार पंद्रह वर्षीय योजना लाने की तैयारी में है। मौजूदा पंचवर्षीय योजना अगले साल मार्च में खत्म हो रही है।

मोदी सरकार पहले ही योजना आयोग को बदलकर नीति आयोग कर चुकी है, ऐसे में विपक्ष इसके जरिए भी निशाना साधने से पीछे नहीं हटेगी। इस एजेंडे को वास्तविकता के सांचे में ढालने के लिए मोदी सरकार नेशनल डेवलपमेंट एजेंडा (एनडीए) के तहत सात साल की रणनीति तय करेगी।

पंचवर्षीय योजनाओं के क्षेत्र में इजाफा करते हुए इसके एजेंडे में सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के अलावा रक्षा और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे। प्रत्येक तीन वर्षो में एनडीए की समीक्षा की जाएगी और इसका टर्म अप्रेजल 2019-20 में होगा।

इसी समय अगला फाइनेंस कमीशन अवॉर्ड लागू किया जाएगा और नई लोकसभा का भी चुनाव होगा। सूत्रों का कहना है कि इस एजेंडे को फाइनेंस कमीशन से जोड़कर सरकार आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता पुख्ता करना चाहती है।

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